नई दिल्ली। भारत सरकार अब रसोई गैस के पारंपरिक एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भरता कम करने के लिए एक बहुत बड़ा राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने जा रही है। केंद्र सरकार अब देशभर में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर पूरा जोर दे रही है। इसके तहत पेट्रोलियम मंत्रालय ने तेल कंपनियों और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को एक बेहद सख्त निर्देश जारी किया है। नए आदेश के मुताबिक, जिन उपभोक्ताओं के पास एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन (LPG and PNG Double Connection) हैं, उन्हें तुरंत नोटिस भेजा जाएगा और उनका एलपीजी सिलेंडर वापस जमा कराया जाएगा।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट के कारण बदला फैसला
दरअसल, वैश्विक स्तर पर चल रहे ईरान-अमेरिका युद्ध (Iran US War 2026) और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz Crisis) के बंद होने की वजह से भारत के ऊर्जा आयात पर बहुत बुरा असर पड़ा है। भारत अपनी जरूरत का करीब 70 फीसदी कच्चा तेल और 90 फीसदी एलपीजी का आयात इसी होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से करता है। इस अंतरराष्ट्रीय संकट को देखते हुए भारत सरकार ने घरेलू स्तर पर एलपीजी की निर्भरता को घटाने का बड़ा फैसला किया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल (Secretary Petroleum Ministry India) की ओर से जारी एक पत्र के मुताबिक, मौजूदा वैश्विक हालातों में देश की सुरक्षा के लिए एलपीजी के बजाय पीएनजी की ओर शिफ्ट होना बेहद जरूरी हो गया है।
कंपनियों को हर सिलेंडर पर हो रहा 690 रुपये का घाटा
इस अभियान के पीछे एक और बड़ी वजह आर्थिक नुकसान भी है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, तेल विपणन कंपनियों (Oil Marketing Companies OMCs) को हर एक एलपीजी सिलेंडर पर करीब 690 रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सरकार का मानना है कि जिन पॉश कॉलोनियों या शहरों में पाइपलाइन की सुविधा (PNG Pipeline Network) पहले से मौजूद है, वहां दोहरे कनेक्शन रखना पूरी तरह गलत है। मंत्रालय ने 25 मई को एक और बड़ा नोटिफिकेशन (Petroleum Ministry Notification) जारी किया है, जिसके तहत पीएनजी कनेक्शन वाले घरों के लिए एलपीजी सिलेंडर की रिफिलिंग पूरी तरह से ब्लॉक करने का फैसला किया गया है।
नोटिस मिलने के बाद सरेंडर करना होगा सिलेंडर
प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो (PIB Release On LPG PNG Rules) की एक आधिकारिक रिलीज के मुताबिक, गैस डिस्ट्रीब्यूशन एजेंसियों को डेटा फिल्टर करने के आदेश दे दिए गए हैं। जिन लोगों के घरों में पाइप वाली गैस चालू है और उन्होंने अभी तक पुराना एलपीजी सिलेंडर गैस एजेंसी में जमा नहीं करवाया है, उन्हें तय समय सीमा का नोटिस दिया जाएगा। नोटिस मिलने के बाद उपभोक्ताओं को अपना पुराना कनेक्शन सरेंडर (Surrender LPG Connection) करना होगा। सरकार के इस कदम से आने वाले दिनों में मेट्रो शहरों और बड़े कस्बों में रसोई गैस के इस्तेमाल की पूरी तस्वीर बदलने वाली है।
