नई दिल्ली:
देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर के बैंक, एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने अपने करोड़ों ग्राहकों को एक तगड़ा झटका दे दिया है। बैंक ने अपने मार्जिनल कॉस्ट लेंडिंग रेट यानी एमसीएलआर (MCLR) में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, ये नई दरें आज यानी सोमवार, 8 जून से पूरी तरह लागू हो गई हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि जो लोग बैंक से नया लोन लेने जा रहे हैं या जिनका लोन पहले से चल रहा है, उनकी जेब पर अब ईएमआई (EMI) का बोझ बढ़ने वाला है।

5 से 10 बेसिस प्वाइंट का हुआ इजाफा, देखें नई दरें
एचडीएफसी बैंक ने अलग-अलग अवधि के लोन के लिए एमसीएलआर दरों में 5 से 10 बेसिस प्वाइंट (basis points) की बढ़ोतरी की है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि अब नई दरें क्या होंगी:
- ओवरनाइट लोन: यह दर 8.05 फीसदी से बढ़कर अब 8.10 फीसदी हो गई है।
- 3 महीने का लोन: इसके लिए ब्याज दर अब 8.20 फीसदी तय की गई है।
- 6 महीने का लोन: यह दर बढ़कर अब 8.35 फीसदी हो चुकी है।
- 1 साल की अवधि (1-year MCLR): सबसे ज्यादा होम और कार लोन इसी से जुड़े होते हैं, इसे बढ़ाकर अब 8.40 फीसदी कर दिया गया है।
- 2 और 3 साल का लोन: दो साल के लिए यह 8.55 फीसदी और तीन साल के लिए अब 8.65 फीसदी हो गया है।
RBI के फैसले के बाद भी बैंक ने बढ़ाया झटका
हैरानी की बात यह है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पिछले शुक्रवार को ही मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में रेपो रेट (Repo Rate) को 5.25 फीसदी पर स्थिर रखा था। केंद्रीय बैंक की तरफ से दरों में कोई बदलाव नहीं किए जाने के बावजूद, एचडीएफसी बैंक ने लोन इंटरेस्ट रेट (loan interest rate) बढ़ाने का यह कदम उठाया है।
किन ग्राहकों की बढ़ेगी मुसीबत?
इस फैसले का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जिन्होंने फ्लोटिंग रेट (floating rate) पर बैंक से एमसीएलआर-लिंक्ड लोन (MCLR-linked loan) ले रखा है। जैसे ही आपका लोन रीसेट डेट पर आएगा, आपकी मासिक ईएमआई महंगी हो जाएगी।
सरल शब्दों में कहें तो, एमसीएलआर वह न्यूनतम ब्याज दर होती है जिससे कम पर कोई भी बैंक ग्राहकों को लोन नहीं दे सकता। इसे तय करने में बैंक का ऑपरेशनल खर्च और डिपॉजिट रेट्स जैसे कई कारक शामिल होते हैं। अब जब यह रेट बढ़ गया है, तो पर्सनल लोन, होम लोन और कार लोन की रीपेमेंट महंगी होना तय है।