रायपुर। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत द्वारा संतों और कथावाचकों को लेकर दिए गए विवादित बयान पर छत्तीसगढ़ में सियासी पारा चढ़ गया है। इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तंज कसते हुए पलटवार किया है। दिल्ली दौरे से लौटने के बाद रायपुर पहुंचे सीएम साय ने कहा कि संतों का आशीर्वाद तो सभी को मिलता है और उनके पास हर दल के लोग जाते हैं, यह महंत जी का अपना व्यक्तिगत अनुभव हो सकता है।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, सोमवार को मनेंद्रगढ़ दौरे के दौरान कांग्रेस नेता चरणदास महंत ने मीडिया से चर्चा करते हुए मशहूर कथावाचक जगद्गुरु रामभद्राचार्य और बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर तीखा हमला बोला था। महंत ने आरोप लगाया कि रामभद्राचार्य जैसे लोग सिर्फ भाजपा के प्रचारक हैं और ज्ञान के माध्यम से लोगों को ठग रहे हैं। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री समेत कई बाबाओं को ‘फर्जी’ बताते हुए कांग्रेस नेताओं से उनके कार्यक्रमों से दूरी बनाने की अपील की थी। महंत ने कहा था कि वे कण-कण में भगवान को मानने वाले लोग हैं, इसलिए उन्हें ऐसे आयोजनों की जरूरत नहीं है।
पीएम मोदी के कार्यकाल के 12 साल पूरे होने पर दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली से लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई दी। सीएम साय ने कहा कि पीएम मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र के साथ देश को आगे बढ़ाया है, जिसका लाभ आज पूरे देश को मिल रहा है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को छत्तीसगढ़ आने का न्योता
दिल्ली दौरे की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वहां जनजातीय संस्कृति के एक बड़े और भव्य कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की और उन्हें छत्तीसगढ़ आने का औपचारिक न्योता दिया। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से भी सौजन्य मुलाकात की।
डीलिस्टिंग के मुद्दे पर सीएम साय का बड़ा बयान
धर्मांतरण और डीलिस्टिंग के संवेदनशील मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने अपनी बात खुलकर रखी। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज बहुत लंबे समय से यह मांग कर रहा है कि जो लोग धर्मांतरित हो चुके हैं, उन्हें अनुसूचित जनजाति (ST) का लाभ नहीं मिलना चाहिए। जो लोग अपनी मूल संस्कृति और रीति-रिवाजों को छोड़कर दूसरे धर्म में चले जाते हैं, वे एसटी और अल्पसंख्यक दोनों का दोहरा लाभ उठा रहे हैं। जनजातीय समाज की मांग है कि इन्हें मूल व्यवस्था से अलग किया जाए।
योग आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा के निधन पर शोक
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने अपनी शोक संवेदनाएं प्रकट करते हुए कहा कि रूपनारायण सिन्हा का जाना हम सभी के लिए एक अपूरणीय क्षति और दुख की घड़ी है। वे उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।