0 सरायपाली में भी स्थापित होगी विशेष अदालत0दिलीप गुप्ता सरायपाली = छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा राज्य में बच्चों के खिलाफ पर बढ़ रहे यौन अपराध व बलात्कार की घटनाओं को देखते हुवे राज्य में 27 विशेष न्यायालयो के गठन किए जाने का आदेश जारी किया गया है । रायपुर में इस तरह के सर्वाधिक प्रकरणों को देखते हुवे 4 विशेष न्यायालयों का गठन किया जा रहा है । इस आदेश के तहत अन्य स्थानों के साथ साथ सरायपाली में भी विशेष न्यायालय की स्थापना होगी ।

अब इस तरह के प्रकरणों की सुनवाई सरायपाली में ही हो सकेगी । इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ शत के विधि विधायी विभाग मंत्रालय के पत्र क्रमांक 854/1083/XXI-B/CG/2026 दिनांक 15/5/2026 के आदेश के तहत कहा गया कि छत्तीसगढ़ में बच्चों के शोषण और दुष्कर्म के मामलों की संख्या को देखते हुए विधि विधायी विभाग ने सबसे ज्यादा 4 केंद्र पोषित विशेष अदालतो का गठन किया हैं। ये केवल बच्चों के शोषण से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगी। राजधानी के बाद न्यायधानी बिलासपुर में 2 विशेष अदालतें गठित की गई है।विधि विधायी विभाग ने पॉक्सो और दुष्कर्म के मामलों में शीघ्र न्याय के लिए छत्तीसगढ़ में 27 विशेष अदालतों का गठन कर दिया है। बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों और बलात्कार के मामलों की जल्द सुनवाई और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने के लिए राज्य सरकार ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने प्रदेश में संचालित होने वाली विशेष अदालतों को नए सिरे से अधिसूचित कर दिया है।जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य में 27 स्पेशल कोर्ट का गठन कर दिया गया है। बजट को देखते हुवे राज्य पोषित और केंद्र पोषित दो श्रेणियों में बांटा गया है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत ने दो अलग-अलग अधिसूचना जारी की है। पॉक्सो और दुष्कर्म से संबधित मामलों की सुनवाई करने वाली अदालतों को दो हिस्सों में बांटा गया है। एक आदेश के तहत राज्य में 12 स्पेशल कोर्ट: बच्चों के यौन अपराध यानी पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों की होगी सुनवाई इस हेतु बलरामपुर , बिलासपुर में 2, दुर्ग , कटघोरा , जांजगीर , रायगढ़, घरघोड़ा , रायपुर में 4, गरियाबंद , राजनांदगांव , अंबिकापुर, जगदलपुर , धमतरी , कवर्धा , कोंडागांव ,बालोद, बलौदाबाजार, कोरबा, बेमेतरा, मुंगेली, सारंगढ़ और सरायपाली में सिविल कोर्ट के अंतर्गत आने वाले न्यायालयों हेतु आदेशित किया गया है ।इन अदालतों में दुष्कर्म और बच्चों के शोषण दोनों तरह के मामलों की सुनवाई होगी। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेश के तहत जिला एवं सत्र न्यायाधीशो को इस तरह के प्रकरणों को जल्द ट्रांसफर करने का निर्देश जारी किया गया है । ज्ञातव्य हो कि सरायपाली में भी इस तरह के कुछ प्रकरण है तथा यहां कभी कभी वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सुनवाई होती है । इस न्यायालय के प्रारंभ होने से आरोपियों व पीड़ितों को सुलभ व्यवस्था मिल सकेगी ।



