भानुप्रतापपुर। कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में सेकंड हैंड ट्रक फाइनेंस कराने के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। चोला मंडलम फाइनेंस कंपनी के नारायणपुर ब्रांच मैनेजर ने एक महिला को झांसा देकर लाखों रुपए ऐंठ लिए। पीड़िता की शिकायत के बाद भानुप्रतापपुर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी मैनेजर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

यह पूरा मामला भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र के हरहरपानी गांव का है। यहां रहने वाली सुनीता यादव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। सुनीता के मुताबिक उन्होंने चोला मंडलम फाइनेंस कंपनी के नारायणपुर ब्रांच मैनेजर संजय भास्कर तिवारी के जरिए एक पुराना ट्रक खरीदने की डील की थी। इस ट्रक की कीमत करीब 29 लाख 42 हजार रुपए तय हुई थी। मैनेजर संजय ने सुनीता को भरोसा दिलाया कि वह गाड़ी पर 36 लाख रुपए का फाइनेंस करवा देगा और जमानतदार का इंतजाम भी खुद ही कर देगा। इस झांसे में आकर सुनीता ने अलग-अलग किश्तों में मैनेजर को कुल 9 लाख 35 हजार 838 रुपए नकद और ऑनलाइन दे दिए।
पैसा जमा होने के बाद जब सुनीता ने ट्रक की असलियत जांची तो उनके होश उड़ गए। ट्रक का वैल्यूएशन कराने पर पता चला कि गाड़ी का चेचिस नंबर ही गायब है। यही नहीं, गाड़ी के कागजात भी सुनीता के नाम पर ट्रांसफर नहीं किए गए थे। धोखाधड़ी का अहसास होने पर जब महिला ने विरोध जताया और अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी मैनेजर ने बात घुमा दी। उसने कहा कि वह ट्रक को किसी और को बेचकर पूरी रकम लौटा देगा। लेकिन कुछ दिनों बाद आरोपी बिना पैसे दिए ट्रक को अपने साथ लेकर फरार हो गया।
परेशान होकर पीड़िता ने भानुप्रतापपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन जांच शुरू की। शुरुआती जांच में ठगी की बात सही पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी ब्रांच मैनेजर संजय भास्कर तिवारी को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि इस खेल में कंपनी के कुछ और लोग भी शामिल हैं या नहीं।