शराबी पति ने गर्भवती पत्नी की बेरहमी से हत्या की, शव को बाइक से बांधकर अस्पताल पहुंचाया

अम्बिकापुर। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर शहर से लगे ग्राम भिट्ठी कला (मणिपुर) से रूह कंपा देने वाली हैवानियत का मामला सामने आया है। यहां 14 मई को एक कसाई पति ने अपनी 22 वर्षीय पत्नी हीरोबाई अगरिया की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी पति वारदात के बाद मृतका के शव को मोटरसाइकिल के पीछे रस्सी से बांधकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गया और डॉक्टरों को एक्सीडेंट की झूठी कहानी सुनाई। हालांकि, शॉर्ट पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच में जो खुलासा हुआ, उसने डॉक्टरों और पुलिस के भी होश उड़ा दिए।

पीएम करने वाले डॉक्टरों की कांप गई रूह, प्राइवेट पार्ट में घुसाई लोहे की रेती

15 मई को मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक विभाग की टीम ने जब महिला का पोस्टमार्टम किया, तो हैरान करने वाले तथ्य सामने आए। फॉरेंसिक विभाग के एचओडी डॉ. संटू बाग ने बताया कि मृतका तीन माह की गर्भवती थी। आरोपी ने बर्बरता की सारी हदें पार करते हुए महिला के प्राइवेट पार्ट में लोहे की लगभग 27 सेंटीमीटर लंबी रेती (धार तेज करने वाला औजार) घुसा दी थी। सिर पर मोटे डंडे से इतनी जोर से वार किया गया था कि खोपड़ी की हड्डी टूट चुकी थी। महिला के शरीर पर कुल 18 स्थानों पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, आरोपी ने लोहे की रेती को अंदर धकेलने के लिए महिला के पेट और जांघों पर लात भी मारी थी, जिससे पेट में पल रहे मासूम शिशु की भी मौत हो गई।

पहले पिता को भी मार चुका है आरोपी, 10 साल पहले हुआ था प्रेम विवाह

मृतका हीरोबाई (निवासी सकरिया गांव, लखनपुर) ने 10 वर्ष पूर्व भिट्ठी कला निवासी आरोपी प्रदीप अगरिया से प्रेम विवाह किया था। दोनों के चार छोटे बच्चे हैं, जिनमें दो जुड़वा हैं। हीरोबाई पांचवीं बार गर्भवती थी। परिजनों ने बताया कि आरोपी प्रदीप बेहद क्रूर प्रवृत्ति का है। वह पहले भी पत्नी पर टांगी (कुल्हाड़ी) से जानलेवा हमला कर चुका था। ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी ने कुछ समय पहले अपने पिता केश्वर अगरिया को भी लाठी-डंडों से पीटकर लहूलुहान कर दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी। हालांकि, तब पुलिस में शिकायत न होने के कारण वह बच निकला था।

मासूम बच्चे चिल्लाते रहे, मदद को नहीं आया कोई पड़ोसी

परिजनों के मुताबिक, जब आरोपी अपनी पत्नी को बेरहमी से पीट रहा था, तब चारों मासूम बच्चे घर पर ही मौजूद थे। बच्चों ने चीख-चीखकर पड़ोसियों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन डर के मारे कोई भी ग्रामीण आगे नहीं आया। जब आरोपी शव को बाइक पर बांधकर ले जा रहा था, तब भी बच्चों ने लोगों को चिल्लाकर बताया कि पापा ने मम्मी को मारा है। बच्चों के जरिए ही मायके पक्ष को सूचना मिली और वे अस्पताल पहुंचे।

घटनास्थल पर मिले हैवानियत के खौफनाक साक्ष्य

घटना के अगले दिन 15 मई को मणिपुर थाना प्रभारी सी.पी. तिवारी और एफएसएल अधिकारी प्रभात की टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया। घर के कमरे में भारी मात्रा में खून जमा हुआ मिला है, और दीवारों व फर्श पर खून के छींटे बिखरे थे। शव को घसीटकर बाहर निकालने के कारण रास्ते में सूखे हुए रक्त के निशान भी मिले हैं, जो यह साबित करते हैं कि घर के भीतर महिला के साथ रूह कंपा देने वाली हैवानियत की गई।

आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें रवाना, जल्द होगी गिरफ्तारी: SSP

सरगुजा रेंज के डीआईजी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) राजेश अग्रवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। एसएसपी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। आरोपी के खिलाफ हत्या और क्रूरता की संगीन धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। सीएसपी राहुल बंसल और मणिपुर थाना प्रभारी सीपी तिवारी के नेतृत्व में पुलिस की अलग-अलग टीमें फरार आरोपी की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं, उसे जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

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