उधारी की रकम वसूली के लिये अपहरण कर ले जाने वाले 06 आरोपियों को किया गया गिरफ्तार सभी ओडिशा निवासी

0 पीड़ित चट्टीगिरोला निवासी 0
दिलीप गुप्ता
सरायपाली= उधारी रकम लेने के बाद वापस नहीं करने वाले समीपस्थ ग्राम चट्टीगिरोला निवासी निरंजन दास को भारी पड़ गया । ऐन समय पुलिस के पहुंच जाने के कारण उसका अपहरण होते होते बच गया ।ज्ञातव्य हो कि व्यावहारिकता वी परिचय का होने के कारण कुछ लोग अपनों को उधार राम दे देते हैं पर इसका गलत फायदा अनेक उधारकर्ताओं द्वारा उठाया जाता है । बाद में उधर राम वापस करने में आना कानी व टालमटोल किए जाने से त्रस्त लोगों को मजबूरीवश ऐसी व अन्य तरह के उपाय करना पड़ता है जो कभी कभी दोनों पार्टियों को भारी पड़ जाता है । कुछ इसी तरह का प्रकरण सरायपाली में दिखाई दिया । उधारी लेने वाले व्यक्ति से त्रस्त हो चुके ओडिशा के 6 व्यक्तियों को अपहरण किए जाने की नौबत आ गई ।इस प्रकरण के चलते 6 लोगों को जेल की हवा खानी पड़ रही है ।
इस संबंध में पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दो दिन पूर्व 14.05.2026 को सरायपाली पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली कि कार क्रमांक ओडी-17, एजी-7735 में अज्ञात व्यक्तियों के द्वारा हुडई शोरूम के पास से किसी व्यक्ति का अपहरण कर ले जा रहे है कि सूचना पर थाना सरायपाली पुलिस तत्काल चारो तरफ नाकाबंदी कर और मुखबीर के बताये अनुसार कार आते दिखाई देने पर रोककर पूछताछ करने पर कार में बैठे व्यक्तियों द्वारा अपना नाम 01. देबार्चन मलिक पिता त्रिनाथ मलिक निवासी दवारी थाना आमाभौना जिला बरगढ़ उड़िसा, 02. राजेश मलिक पिता त्रिनाथ मलिक निवासी दवारी थाना आमाभौना जिला बरगढ़ उड़िसा, 03. रंजन प्रधान निवासी लुकापारा जिला सारंगढ़, 04. भागीरथी बेहरा निवासी भुक्ता थाना आमाभौना जिला बरगढ़ उड़िसा, 05. बंशीधर बंछोर निवासी भुक्ता थाना आमाभौना जिला बरगढ़ उड़िसा, 06. कुनु बाघ निवासी इच्छापुर थाना आमाभौना जिला बरगढ़ उड़िसा का रहने वाला बताया गया।
आरोपी के द्वारा प्रार्थी निरंजन दास पिता पूर्णचंद दास उम 32 वर्ष निवासी चट्टीगिरोला थाना सरायपाली को जबरदस्ती अपहरण कर उड़िसा ले जा रहे थे जिसकी सूचना प्राप्त होने पर तत्काल कार्यवाही कर 06 आरोपियों को पकड़कर प्रार्थी को मुक्त कर पूछने पर उसने बताया कि उसके द्वारा पूर्व में देबार्चन मलिक से 3,50,000/रूपये उधार लिया था, जिसमें से 50 हजार रूपये वापस कर दिया गया था, शेष रकम की वसूली करने के लिये आरोपी के द्वारा अपने 05 अन्य साथियों के साथ प्रार्थी को बल पूर्वक जबरदस्ती कार में बैठाकर एवं उसके मोबाईल छीनकर बंद कर दिये थे एवं आरोपियों के द्वारा आज के बाद तेरा किसी को पता नहीं चलेगा मर्डर कर देगें कहकर धमकी देते हुये ओड़िसा की ओर ले जा रहे थे। जिसे आरोपियों के कब्जे से मुक्त कराया गया एवं घटना में प्रयुक्त वाहन को जप्त कर आरोपियों के विरूद्ध थाना सरायपाली में अपराध क्रमांक 168/2026 धारा 296,351 (2), 140(3), 3(5) बीएनएस की कार्यवाही कर आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है ।

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