रायपुर।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। कबीरनगर पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे मास्टर पैनल संचालक लोकेश अग्रवाल को रामसागरपारा से गिरफ्तार किया है। लोकेश पर सट्टेबाजी साइट्स के पैनल और लिंक बेचने का गंभीर आरोप है। पुलिस उसे एक बड़े बुकी के रूप में देख रही है, जिसका नेटवर्क छत्तीसगढ़ के कई जिलों में फैला हुआ है।
ऐसे खुला सट्टेबाजी का सिंडिकेट
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब 14 अप्रैल को कबीरनगर पुलिस ने कोटा इलाके से दो सट्टेबाजों, आकाश टांडी और मोहम्मद आरिफ को रंगे हाथों पकड़ा था। इनके पास से पुलिस ने 5 लाख रुपये नकद और चार स्मार्टफोन बरामद किए थे। पूछताछ और जब्त मोबाइल फोन के फोरेंसिक विश्लेषण में यह बात सामने आई कि ये दोनों आरोपी लोकेश अग्रवाल से आईडी लेकर सट्टा चला रहे थे। अपने साथियों की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही लोकेश फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने अब घेराबंदी कर पकड़ लिया है।
हर दिन लाखों का अवैध लेनदेन
एसीपी आजाद चौक ईशु अग्रवाल ने बताया कि लोकेश अग्रवाल ऑल पैनल 777 जैसी कई प्रमुख बेटिंग वेबसाइट्स का मास्टर पैनल संचालित कर रहा था। शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि वह मटका सट्टा के अवैध कारोबार से भी जुड़ा हुआ है। आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनसे सट्टेबाजी के बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश होने की उम्मीद है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए प्रतिदिन लाखों रुपये का अवैध वित्तीय लेनदेन किया जा रहा था।
बैंक खातों की जांच जारी
पुलिस अब लोकेश अग्रवाल के बैंक खातों और मोबाइल डेटा को खंगाल रही है ताकि उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य बड़े चेहरों की पहचान की जा सके। संदिग्ध लेनदेन वाले खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। रायपुर और आसपास के जिलों में उसके एजेंटों की तलाश की जा रही है। पुलिस का मानना है कि लोकेश की गिरफ्तारी से ऑनलाइन सट्टेबाजी की कमर टूटेगी और आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।