भिलाई इस्पात संयंत्र कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों ने किया प्रदर्शन, मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

रमेश गुप्ता भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों एवं ठेका श्रमिकों ने मंगलवार को मुर्गा चौक सेक्टर-1 के पास एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद श्रमिक संगठनों ने प्रबंधन के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों की विभिन्न लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मचारी और ठेका श्रमिक शामिल हुए। इस दौरान श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों की समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं किया गया है।
स्टील इम्प्लाइज यूनियन ने कर्मचारियों की समस्याओं को उठाया
स्टील इम्प्लाइज यूनियन महासचिव संजय कुमार साहू एवं उनकी टीम के द्वारा सेल चेयरमैन के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को रखा गया। यूनियन ने कहा कि कर्मचारियों और प्रबंधन के संयुक्त प्रयासों से भिलाई इस्पात संयंत्र लगातार उत्पादन और उत्पादकता में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, इसलिए कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान भी प्राथमिकता से किया जाना चाहिए।


प्रमुख मांगें
जनवरी 2017 से संबंधित वेतन समझौते के अंतर्गत 39 माह के एरियर का शीघ्र भुगतान।
वर्ष 2027 में प्रस्तावित वेतन समझौते हेतु एनजेसीएस की बैठक जल्द बुलाने की मांग।
वर्ष 2007 से संबंधित पेंशन स्कीम में वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार संशोधन।
सेक्टर-9 अस्पताल में इलाज कराने वाले कर्मचारियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना।
सेक्टर-9 अस्पताल के निजीकरण की प्रक्रिया को रोकने की मांग।
कर्मचारियों के बच्चों को उच्च शिक्षा भत्ता (Higher Education Allowance) प्रदान करने की मांग।
यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने और संयंत्र की उत्पादकता बनाए रखने के लिए इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाना जरूरी है।
ठेका श्रमिक यूनियन ने वेतन और सुविधाओं की उठाई मांग
वहीं स्टील ठेका श्रमिक यूनियन (इंटक) ने भी ठेका श्रमिकों की समस्याओं को लेकर अलग ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने बताया कि भिलाई इस्पात संयंत्र में बड़ी संख्या में ठेका श्रमिक कार्यरत हैं, जिनका संयंत्र की उत्पादन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान है।
ठेका श्रमिकों की प्रमुख मांगें
ठेका श्रमिकों का न्यूनतम 35 प्रतिशत वेतन वृद्धि।
केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन अथवा न्यूनतम 26 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन सुनिश्चित किया जाए।
ई-1 ग्रेड के अनुरूप वेतन प्रदान करने की मांग।
चिकित्सा सुविधा, आवास भत्ता, शिक्षा भत्ता और पेट्रोलिंग भत्ता उपलब्ध कराया जाए।
स्थानीय युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार में प्राथमिकता।
ठेका श्रमिकों के लिए एडिशनल वेलफेयर अमेनिटीज (AWA) लागू करने की मांग।
यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि ठेका श्रमिक लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं और वेतन विसंगतियों से जूझ रहे हैं। यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी
मुर्गा चौक सेक्टर-1 में हुए प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों और श्रमिकों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद दोनों यूनियनों ने प्रबंधन से जल्द सकारात्मक पहल करने की मांग की।

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