छत्तीसगढ़ के IAS अधिकारी के नाम पर साइबर ठगों का बड़ा जाल, फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर मांगे जा रहे मोबाइल नंबर

छत्तीसगढ़ प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तारण प्रकाश सिन्हा की साख का इस्तेमाल कर साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन ठगी का एक नया और खतरनाक जाल बुना है। वर्तमान में मनरेगा आयुक्त के पद पर कार्यरत तारण प्रकाश सिन्हा के नाम और उनकी तस्वीर का दुरुपयोग कर एक फर्जी फेसबुक प्रोफाइल तैयार की गई है जिसके जरिए आम लोगों और उनके परिचितों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। साइबर अपराधी इस नकली आईडी से लोगों को मैसेंजर पर संदेश भेजकर उनके मोबाइल नंबर और अन्य संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारियां बटोर रहे हैं। इस गंभीर मामले का खुलासा होते ही स्वयं अधिकारी ने सार्वजनिक तौर पर इसकी जानकारी साझा की है ताकि किसी भी व्यक्ति को आर्थिक या मानसिक नुकसान न उठाना पड़े।

ठगों के निशाने पर आईएएस की प्रोफाइल: मनरेगा आयुक्त ने जनता से की सतर्क रहने की अपील

आईएएस तारण प्रकाश सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर उनके नाम से संचालित यह आईडी पूरी तरह फर्जी है और इससे उनका दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने जनता को आगाह किया है कि इस संदिग्ध आईडी से आने वाले किसी भी फ्रेंड रिक्वेस्ट या मैसेज का उत्तर न दें और न ही अपनी कोई भी निजी जानकारी उनके साथ साझा करें। अधिकारी के अनुसार ठगों का मुख्य उद्देश्य प्रतिष्ठित व्यक्तित्व की आड़ लेकर लोगों का भरोसा जीतना और फिर उन्हें किसी बड़े वित्तीय फ्रॉड का शिकार बनाना है। प्रशासन और पुलिस की साइबर सेल को भी इस मामले की भनक लग चुकी है और इस तरह की डिजिटल जालसाजी करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है।

साइबर अलर्ट: संदिग्ध प्रोफाइल देखते ही करें रिपोर्ट, डिजिटल सुरक्षा के लिए बरतें यह सावधानी

इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर सक्रिय यूजरों की सुरक्षा और प्राइवेसी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं जहाँ रसूखदार अधिकारियों तक की पहचान सुरक्षित नहीं है। आईएएस सिन्हा ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास भी इस फर्जी प्रोफाइल से कोई संदेश आता है तो उसे तुरंत फेसबुक पर रिपोर्ट करें ताकि प्लेटफॉर्म इसे ब्लॉक कर सके। शासन की ओर से भी आम नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अज्ञात प्रोफाइल से आने वाले संदेशों की सत्यता की जांच किए बिना उन पर भरोसा न करें और ऑनलाइन लेन-देन के मामलों में विशेष सावधानी बरतें। साइबर सुरक्षा के इस दौर में सतर्कता ही बचाव का सबसे बड़ा हथियार है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस या साइबर पोर्टल पर देना अनिवार्य है।

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