रमेश गुप्ता भिलाई । ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक संगठित अंतरराज्यीय सट्टा गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इसके 5 मुख्य संचालकों और सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह गोवा, रायपुर, दुर्ग समेत कई राज्यों से संचालित हो रहा था

और फर्जी सिम कार्ड, म्यूल बैंक खातों तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए करोड़ों रुपये का अवैध सट्टा कारोबार चला रहा था।पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी आईपीएल सीजन के दौरान बड़े पैमाने पर सट्टा लगवाते थे। गिरोह प्रतिदिन करीब 10 से 15 लाख रुपये का लेनदेन करता था, जबकि मासिक अवैध कारोबार 4 से 5 करोड़ रुपये तक पहुंच रहा था।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 2 लाख 70 हजार रुपये नकद सहित लैपटॉप, मोबाइल फोन और बैंकिंग दस्तावेजों समेत बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की है।पत्रकार वार्ता में एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि थाना सिटी कोतवाली, दुर्ग में दर्ज अपराध क्रमांक 90/2026 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम एवं बीएनएस की धाराओं में विवेचना के दौरान इस गिरोह का खुलासा हुआ।

पहले चरण में 6 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और बैंकिंग ट्रेल के जरिए गिरोह की ऊपरी कड़ी तक पहुंच बनाते हुए 5 अन्य मुख्य आरोपियों को दबोचा।जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी व्हाट्सएप कॉल, इंस्टाग्राम कॉल और अन्य इंटरनेट माध्यमों के जरिए आपस में संपर्क रखते थे और पूरे नेटवर्क को संचालित करते थे।कई राज्यों में फैला नेटवर्कयह सट्टा गिरोह दुर्ग, भिलाई, रायपुर, गोवा सहित अन्य राज्यों से ऑनलाइन नेटवर्क के माध्यम से संचालित हो रहा था। आईपीएल मैचों के दौरान अवैध आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से इसे संगठित रूप से चलाया जा रहा था।
गिरफ्तार आरोपीपुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें राहुल रंगवानी (देवपुरी, रायपुर), सोविंद यादव उर्फ राजू यादव (प्रयागराज, उत्तर प्रदेश), संदीप कापसे (गोंदिया, महाराष्ट्र), अमन अली और हुसैन अली (दोनों निवासी गौतम नगर, खुर्सीपार, भिलाई) शामिल हैं।
भारी मात्रा में सामग्री जब्तकार्रवाई के दौरान पुलिस ने 3 लैपटॉप, 26 मोबाइल फोन, 45 बैंक पासबुक, 76 एटीएम कार्ड, 10 चेक बुक, 1 वाई-फाई राउटर, 5 सिम कार्ड, 2 आधार कार्ड, 2 पैन कार्ड और 2.70 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं।पुलिस टीम की सराहनीय भूमिकाइस पूरे ऑपरेशन में सिटी कोतवाली थाना और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई अहम रही। तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग ट्रेल की गहन जांच और समन्वित प्रयासों के जरिए पुलिस ने गिरोह की परतें खोलते हुए मुख्य आरोपियों तक पहुंच बनाई।