शहडोल में रेत के अवैध कारोबार और माफियाओं की गुंडागर्दी ने एक मासूम की जिंदगी लील ली है। जिले में रेत का ठेका न होने का फायदा उठाकर माफिया इस कदर बेलगाम हो चुके हैं कि अब रिहायशी इलाकों में भी मौत का तांडव नाच रहा है। सोहागपुर थाना क्षेत्र में बीती रात एक रेत लोड वाहन ने निर्माण स्थल पर सो रहे 40 वर्षीय चौकीदार अशोक कुमार कहार को बुरी तरह कुचल दिया। वारदात इतनी खौफनाक थी कि पहियों के नीचे दबने से अशोक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना महज एक हादसा नहीं बल्कि जिले में सक्रिय रेत सिंडिकेट की उस लापरवाही और दहशत का परिणाम है जो चांदी काटने के चक्कर में इंसानी जान की कीमत को शून्य मान चुके हैं।
सोते हुए राज मिस्त्री पर चढ़ा दिया ट्रक और सुबह मची चीख-पुकार
मृतक अशोक कुमार कहार बैजनाथ सिंह के प्लॉट पर राज मिस्त्री के साथ-साथ चौकीदारी का जिम्मा भी संभाल रहा था। रात के अंधेरे में जब वह गहरी नींद में था तब रेत डंप करने पहुंचे एक छोटे ट्रक के चालक ने बिना देखे गाड़ी सीधे उसके ऊपर चढ़ा दी। सुबह जब स्थानीय लोगों ने अशोक का क्षत-विक्षत शव देखा तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और प्रशासन के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सोहागपुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल रवाना किया है और फरार वाहन चालक की तलाश तेज कर दी है। पुलिस अब इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि क्या यह वाहन अवैध रेत परिवहन में लगा था और हादसे के बाद ड्राइवर ने साक्ष्य छुपाने की कोशिश तो नहीं की।
माफियाओं के बुलंद हौसले और पंगु बना प्रशासनिक तंत्र
शहडोल जिले में रेत का वैध ठेका बंद होने के बाद से उत्खनन का काला कारोबार चरम पर पहुंच गया है। माफिया न केवल नदियों का सीना चीर रहे हैं बल्कि टोकने वाले अधिकारियों और आम जनता को खुलेआम धमका रहे हैं। निर्माण कार्यों की आड़ में देर रात तक चलने वाले इन वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाने में स्थानीय पुलिस और खनिज विभाग पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जब तक प्रशासन रेत माफियाओं के खिलाफ कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं करता तब तक सड़कों पर यूं ही खून बहता रहेगा। लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि रसूखदारों के दबाव में आखिर कब तक निर्दोषों की बलि चढ़ाई जाती रहेगी।