विशेष संवाददाता | बिलासपुर
बिलासपुर संभाग की सामाजिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को सम्मानित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत इस वर्ष विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 50 विभूतियों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह केवल व्यक्तियों के कार्यों की सराहना भर नहीं, बल्कि बिलासपुर संभाग की उस जीवंत परंपरा का उत्सव भी रहा, जिसने समय-समय पर समाज को दिशा देने वाले व्यक्तित्वों को जन्म दिया है।

आज की जनधारा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम समाज सेवा, चिकित्सा, पत्रकारिता, शिक्षा, साहित्य, कला, खेल तथा जीव संरक्षण जैसे विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को एक ही मंच पर सम्मानित किया गया।
इस बार सम्मानित होने वाली विभूतियों में समाज सेवा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व सबसे अधिक रहे। 50 सम्मानित व्यक्तियों में से 12 नाम ऐसे हैं, जिन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों के उत्थान, जरूरतमंदों की सहायता और जनकल्याण के कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इन समाजसेवियों ने वर्षों से बिना किसी प्रचार-प्रसार की अपेक्षा के सामाजिक सरोकारों को मजबूती प्रदान की है। अनिल टाह, प्रवीण झा, रिंकू मिश्रा, विकास साहू, रवि बेनर्जी, भास्कर वर्तक, चंदन गांगुली, डी. विनीता राव, पी.आर. यादव, पीयूष गुप्ता, शांतनु घोष तथा सुश्री सुलभा ताई देशपांडे को समाज सेवा क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
चिकित्सा क्षेत्र से छह विशेषज्ञ डॉ. होत चंदानी, डॉ. रवींद्र मंगत, श्रीमती आराधना त्रिपाठी, डॉ. देवेंदर सिंह, श्री अभिराम शर्मा और आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष सेवाएं देने वाले हरि भाई आर्यन ने अपने समर्पण और सेवा भाव से हजारों लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में योगदान दिया है।