नई दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों पर चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन बहानेबाजी कर महिला आरक्षण का विरोध कर रहा है। शाह ने स्पष्ट किया कि जो लोग परिसीमन का विरोध कर रहे हैं, वे असल में एससी-एसटी सीटों में बढ़ोतरी और उनके अधिकारों का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि 2029 का लोकसभा चुनाव महिला आरक्षण के आधार पर होगा।
गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने 50 वर्षों तक देश को उचित प्रतिनिधित्व और परिसीमन से वंचित रखा। उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि वे बिल पास कराएं, सरकार हर राज्य में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत तक बढ़ाने को तैयार है। शाह ने चेतावनी दी कि अगर विपक्ष ने अड़ंगा डाला तो देश की मातृशक्ति चुनाव में इसका हिसाब मांगेगी।
आरक्षण के मुद्दे पर शाह ने साफ किया कि भारतीय संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण को स्वीकार नहीं करता है। उन्होंने विपक्षी गठबंधन पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा धर्म आधारित आरक्षण कभी नहीं होने देगी। ओबीसी मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा पिछड़ा वर्ग का विरोध किया है, जबकि मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में 27 मंत्री ओबीसी समुदाय से हैं और सरकार ने ही ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया है।
