अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान अपने यूरेनियम भंडार को सौंपने पर सहमत हो गया है। ट्रंप के अनुसार, दोनों पक्ष एक ऐसे समझौते के बेहद करीब हैं जिससे पिछले छह हफ्तों से चला आ रहा संघर्ष समाप्त हो सकता है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने इसे कूटनीतिक स्तर पर एक बड़ी सफलता बताया।
ट्रंप ने जानकारी दी कि तेहरान अब समृद्ध यूरेनियम वापस देने को तैयार है, जिसे लेकर वाशिंगटन को आशंका थी कि इसका उपयोग परमाणु हथियार बनाने में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ मौजूदा संबंध काफी बेहतर हुए हैं और यह पिछले कुछ हफ्तों के कड़े दबाव और आर्थिक नाकाबंदी का परिणाम है।
वार्ता का अगला दौर जल्द संभव
राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का अगला दौर इसी सप्ताहांत शुरू हो सकता है। उन्होंने मौजूदा युद्धविराम को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि तेहरान का रुख अब पहले की तुलना में अधिक लचीला है। हालांकि, उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि यदि वार्ता विफल रहती है, तो युद्ध दोबारा शुरू हो सकता है।
परमाणु गतिविधियों पर प्रतिबंध और समझौते की शर्तें
ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं इस बातचीत का मुख्य केंद्र रही हैं। अमेरिका ने ईरान की सभी परमाणु गतिविधियों को 20 वर्षों के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव रखा है, जबकि तेहरान ने इसे तीन से पांच वर्षों के लिए करने का सुझाव दिया है। वाशिंगटन की प्राथमिकता ईरान से अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम को पूरी तरह हटाना है, जबकि तेहरान इसके बदले अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को खत्म करने की मांग कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, तेहरान अब समृद्ध यूरेनियम के कुछ हिस्से को देश से बाहर भेजने पर विचार कर रहा है, जिसे वह पहले अस्वीकार कर चुका था। वर्तमान युद्धविराम अगले सप्ताह समाप्त होने वाला है, जिसे देखते हुए आने वाले कुछ दिन इस संभावित समझौते के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
