यात्रियों और राहगीरों के स्वास्थ्य से खिलवाड़, प्रशासन की अनदेखी, जिम्मेदार बेखबर◾
दिलीप गुप्ता
सरायपाली : नगर व बैतारी ग्राम की सीमा से लगे एक आइल प्लांट से लगातार उड़ती जहरीली व काली धूल से राहगीरों का इस मार्ग से चलना दूभर हो गया है । आसपास की कृषि योग्य जमीन भी अब इस धूल व कणों से प्रभावित होने लगे हैं । मिल से निकले वाली यह जहरीली धूल आसपास के लगभग एक किलोमीटर दायरे में आने वाले सभी खेती , दुकानदारों , घरों व व्यवसायिक परिसरों में मोटी काली धूल से सराबोर हो रहे हैं । सर्वाधिक परेशानी इस मिल के आसपास से गुजरने वाले राहगीरों , मोटरसाइकल चालकों व छात्र छात्राओं को अधिक हो रही है । मिल से उड़ने वाली धूल व कण लोगो के आंखों में घुसने से लोगों की आँखें सूजन की शिकायतें आ रही है । इसकी अनेकों बार शिकायतें भी की गई किंतु रसूखदारों व राजनैतिक संरक्षण के चलते कभी भी कोई कार्यवाही नहीं होने के कारण मिल मालिक को कोई फर्क इससे नहीं पड़ रहा है ।
ज्ञातव्य हो कि इस मिल के प्रारंभ होने के समय से ही यह विभिन्न कारणों से विवादों में रहा है ।ग्राम के विश्वजीत बेहरा व सनातन भोई के साथ ही कुछ ग्रामीणों ने बताया कि विगत सन 2016 में प्लांट में आगजनी की घटना होने के बाद 4 मजदूरों की अकाल मौत भी हो चुकी है । वहीं कुछ जागरूक ग्रमीणों ने बताया कि मिल के स्थापना के समय ग्राम पंचायत से फर्जी तरीके से एनओसी प्राप्त की गई है । उसका कोई रिकॉर्ड ग्राम पंचायत में नहीं होना बताया जा रहा है । पूर्व में कुछ पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा भारी रकम लेकर ऊपरी तौर पर एनओसी जारी कर दी गई थी । इसकी जांच होने पर वास्तविकता सामने आ जाएगी । हालांकि इस संबंध में ग्राम पंचायत व उद्योग विभाग में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी निकाले जाने की बात कही जा रही है । वहीं ग्राम पंचायत बैतारी से पूर्व में अवैध पाइप लाइन बिछाकर पानी भी लेने की भी बात की जा रही है ।
0सांसों पर संकट, दमा और एलर्जी का खतरा बढ़ा 0
इस मिल से गुजरने वाले हर व्यक्ति को अपनी नाक और मुँह ढंकने पर मजबूर होना पड़ रहा है। मिल के पास से आवागमन के दौरान उड़ने वाली बारीक धूल सीधे लोगों के फेफड़ों में समा रही है। डॉक्टरों की मानें तो लंबे समय तक ऐसी धूल के संपर्क में रहने से सांस की गंभीर बीमारियाँ, आंखों में जलन और त्वचा संबंधी रोग तेजी से बढ़ सकते हैं। विशेषकर बच्चों और बुजुगों के लिए यह स्थिति बेहद घातक मानी जाती है।
0राहगीर और दुकानदार भी परेशान0
सिर्फ यात्री ही नहीं, बल्कि मिल के आसपास व्यवसाय करने वाले दुकानदार भी इस धूल से त्रस्त हैं। दुकानों में रखा सामान धूल की परतों से ढक जाता है सामानों में मोटी काली धूल व धुएं के कारण समान , घर , घर में रखे कपड़े, खेती किसानी व अन्य सभी व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है।
0प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल0
सवाल यह उठता है कि आखिर जनस्वास्थ्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर जिम्मेदार अधिकारी मौन क्यों हैं ? क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी या महामारी का इंतजार कर रहा है? बार-बार ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद समाधान न होना स्थानीय प्रशासन संबंधित उद्योग विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
0खुले ट्रैक्टरों में जले भूसे को बाहर फेंका जा रहा 0
इस ऑयल मिल से निकलने वाली राख जो बेहद बारीक व जली होने के कारण इसका उपयोग इंट भट्ठा में ईंट जलने के काम आता है । इसे मिल से निकलने के लिए अनेक ट्रैक्टर लगाए गए है जो इन राखो को खुले में बाहर फेंकते हैं । ट्राली में ले जा रहे इन भूसे को बगैर तालपत्री से ढांके सड़क से ले जाने के कारण काफी संख्या में धूल सड़क में उड़ती है । जिससे राहगीर लोगों को इससे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है । कानूनन यह कानून के विरुद्ध है ।मिल के आसपास काफी दूर तक पूरा क्षेत्र काले भूसे व धूल से सड़क में जमा दिखाई दे जायेगा इस वजह से यह राख सीधे चेहरे व आंखों में यह धूल उड़कर आने से हड़बड़ाहट से दुर्घटनाओं की भी संभावना बढ़ गई है कभी भी कोई गंभीर हादसा हो सकता है ।
0 ट्रैक्टरों का उपयोग व्यवसायिक रूप में 0
इस ऑयल प्लांट से निकलने वाली राख के परिवहन में प्रयुक्त ट्रैक्टरों व अन्य वाहनों का उपयोग व्यवसायिक रूप से किया जा रहा है जबकि इनका रजिस्ट्रेशन कृषि उपयोग में हुआ होगा । इसमें प्रयुक्त ट्रैक्टरों को देखने से ऐसी आशंका है कि इन ट्रैक्टरों व अन्य वाहनोबका फिटनेस वी बीमा समाप्तवों चुका होगा । प्रशासन को इन ट्रैक्टरों के कागजातों की भी जांच की जानी चाहिए ।
0 क्रासिंग बंद करने में डाल रहे अड़ंगा 0
आइल प्लांट के सामने अपने रसूखदारी के कारण मिल के सामने अपनी साधन व सुविधाओं को ध्यान में रखते अवैधानिक तरीके से 50-60 फिट चौड़ी क्रासिंग छुड़वा दिया गया है । इस क्रासिंग को बंद करने में पैसों के बल पर क्रासिंग बंद नहीं हो इसके लिए बार बार अड़ंगा लगाया जा रहा है । जबकि इस अवैध क्रासिंग को बंद किए जाने का आदेश एसडीएम द्वारा 12/8/26 को दिए जाने के बावजूद यह आज तक डिवाइडर बनाकर बंद किए जाने के स्थान पर लोहे के पाइप लगाकर अस्थाई तौर पर बंद किया गया है । जिसे कुछ दिनों बाद क्षतिग्रस्त बताकर पुनः क्रासिंग खोल दिए जाने की पूरी संभावना है ।
हालांकि इस सम्बन्ध में सीएमओ दिनेश यादव का कहना है कि सीमेंटेड डिवाइडर से ही इस क्रासिंग कुभमेश के लिए बंद किया जायेगा ।