भानुप्रतापपुर। ग्राम संबलपुर में संत शिरोमणि सेन महाराज के प्राकट्य दिवस के अवसर पर शहर में भव्य एवं श्रद्धापूर्ण आयोजन किया गया। समाज के लोग दो दिन पूर्व से ही तैयारियों में जुटे हुए थे और प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी सेन समाज ने अपने आराध्य संत नंदा सेन की जयंती धूमधाम के साथ मनाई।
कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान से गौरी-गणेश पूजन, वरुण पूजन एवं कलश पूजन के साथ हुई। इस दौरान वक्ताओं ने संत सेन जी महाराज के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे मध्यकालीन भक्ति आंदोलन के प्रमुख संतों में से एक थे तथा संत रामानंद की परंपरा से जुड़े माने जाते हैं। उन्होंने अपने जीवन के माध्यम से भक्ति, सेवा, समानता और समरसता का संदेश दिया, जो आज भी समाज को प्रेरित करता है।
सभा को संबोधित करते हुए समाज अध्यक्ष भुवनेश्वर सेन ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल हमारी परंपरा को जीवित रखते हैं, बल्कि समाज को एकजुट करने का भी कार्य करते हैं। समाजसेवी राजीव श्रीवास ने संत सेन जी महाराज के आदर्शों को अपनाकर समाज को नई दिशा देने की आवश्यकता बताई। वहीं भगत शांडिल्य ने समाज में एकता और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के पश्चात समाज द्वारा भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान समाज के उत्थान से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई तथा भविष्य के लिए नई रूपरेखा भी तय की गई।
सायंकाल विसर्जन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर गोपाल सेन, सिवन शांडिल्य, मिलाप शांडिल्य, परमा श्रीवास, छबिलाल शांडिल्य, ओमप्रकाश सेन, नरोत्तम सेन, नीलकमल भारद्वाज, गोरलाल, किशोर सेन, आनंद सेन, विशाल सेन, सहदेव शांडिल्य, रवि सेन, भाविखान सेन, देवलाल शांडिल्य, राजकुमार शांडिल्य, संतोष श्रीवास, अशोक सेन, शिवशंकर छेदन कौशिक, जागेश्वर सेन, अजय सेन सहित बड़ी संख्या में महिला एवं बच्चे उपस्थित रहे।
यह आयोजन समाज में एकता, संस्कृति और संत परंपरा को सुदृढ़ करने का संदेश देकर संपन्न हुआ।
संबलपुर में संत शिरोमणि सेन महाराज का प्राकट्य दिवस धूमधाम से मनाया गया, भव्य भंडारे में उमड़ा जनसैलाब

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Apr