नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री को बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए तैयार किया गया एक विस्तृत और दूरदर्शी ब्लूप्रिंट सौंपा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नक्सलवाद के प्रभावी खात्मे के बाद स्थापित हुई शांति के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया और उन्हें मानसून के बाद बस्तर प्रवास का निमंत्रण भी दिया।
मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत यह विकास योजना पांच मुख्य स्तंभों ‘सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज’ पर आधारित है। योजना के तहत बस्तर में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए वर्ष 2027 तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधूरे कार्यों को पूरा करने के साथ ही 228 नई सड़कों और 267 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में तब्दील करने और स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती के लिए नए मेडिकल कॉलेज व सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सरकार ने एक त्रिवर्षीय कार्ययोजना तैयार की है। इसका उद्देश्य वर्ष 2029 तक बस्तर के 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करना है। साथ ही ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना का विस्तार अब गरियाबंद और मोहला-मानपुर जैसे नए जिलों तक किया जा रहा है। कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार जैसी सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से 31,840 हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने की तैयारी है।
पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर की वैश्विक पहचान बनाने के लिए चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे जलप्रपातों के निकट एडवेंचर टूरिज्म, ग्लास ब्रिज और कैनोपी वॉक जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। युवाओं के कौशल विकास के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके तहत अब तक एक लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
प्रधानमंत्री के प्रस्तावित बस्तर दौरे के दौरान रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट विस्तार और दंतेवाड़ा मेडिकल कॉलेज जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण संभावित है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस नई कार्ययोजना और केंद्र के सहयोग से बस्तर विकास, रोजगार और बेहतर सुविधाओं के एक नए युग में प्रवेश करेगा।