रायपुर। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक परिस्थितियों के बीच छत्तीसगढ़ सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, आईजी, कलेक्टरों और एसपी को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी गैस और उर्वरकों की आपूर्ति निर्बाध बनी रहनी चाहिए।
अफवाहों पर न दें ध्यान, पर्याप्त है स्टॉक
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सभी राज्यों के साथ समन्वय बनाए हुए है। छत्तीसगढ़ में पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और खाद की कोई कमी नहीं है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न दें। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जमीनी हकीकत और सही जानकारी समय-समय पर जनता तक पहुंचाई जाए ताकि अनावश्यक डर का माहौल न बने।
कालाबाजारी रोकने के लिए टॉल फ्री नंबर जारी
बैठक में मुख्य सचिव विकास शील ने बताया कि स्थिति की सतत निगरानी के लिए राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है। यदि कहीं भी घरेलू गैस की आपूर्ति में समस्या आती है या कोई कालाबाजारी की कोशिश करता है, तो नागरिक टॉल फ्री नंबर 1800-233-3663 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि जो भी जमाखोरी या कालाबाजारी में लिप्त पाया जाएगा, उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
अब तक 3841 सिलेंडर जब्त, 97 एफआईआर दर्ज
समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि प्रशासन ने अब तक प्रदेशभर में 335 स्थानों पर छापेमारी की है। जमाखोरी की सूचना पर कार्रवाई करते हुए 3841 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं और दोषियों के खिलाफ 97 एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती चेक पोस्टों पर भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि ईंधन और गैस की अवैध आवाजाही को रोका जा सके।
किसानों को समय पर मिलेगा खाद
खेती-किसानी के सीजन को देखते हुए सीएम साय ने उर्वरकों की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि खाद की होल्डिंग पर पूरी तरह रोक लगाई जाए और हर किसान को उसकी जरूरत के हिसाब से समान रूप से खाद उपलब्ध कराई जाए। सॉफ्टवेयर आधारित मॉनिटरिंग के जरिए खाद वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाया जा रहा है।
अस्पताल और संस्थानों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अस्पतालों, छात्रावासों, रेलवे, सैन्य बलों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर गैस की आपूर्ति कभी भी बाधित नहीं होनी चाहिए। साथ ही, सुरक्षा के मद्देनजर आम जनता को बोतलों या कंटेनरों में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं, यह सुविधा केवल अधिकृत मोबाइल टावर और जेनसेट संस्थानों के लिए ही रहेगी।