Youth MLA Conference Bhopal : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल आगामी 30 और 31 मार्च 2026 को एक ऐतिहासिक विधायी समागम की साक्षी बनने जा रही है। मध्य प्रदेश विधानसभा की एक अनूठी पहल के अंतर्गत तीन राज्यों—मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के युवा विधायकों का दो दिवसीय विशेष सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य संसदीय कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करना और युवा नेतृत्व को लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ना है।
55 से अधिक युवा जनप्रतिनिधि होंगे शामिल
विधानसभा सचिवालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस सम्मेलन में कुल 55 से अधिक ऐसे विधायक हिस्सा लेंगे जिनकी आयु 45 वर्ष से कम है। इसमें राजस्थान से सर्वाधिक 22, मध्य प्रदेश से 18 और छत्तीसगढ़ से 15 युवा विधायक शामिल होंगे। यह पहली बार है जब पड़ोसी राज्यों के युवा जनप्रतिनिधियों को एक साझा मंच पर लाकर विधायी अनुभवों को साझा करने का अवसर दिया जा रहा है।
दिग्गज करेंगे मार्गदर्शन
सम्मेलन का भव्य उद्घाटन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। दो दिनों तक चलने वाले इस वैचारिक मंथन के समापन सत्र में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह शिरकत करेंगे, जो युवा विधायकों को संसदीय मर्यादाओं और भविष्य की चुनौतियों पर संबोधित करेंगे।
दो प्रमुख विषयों पर होगा केंद्रित मंथन
विधान परिषद भवन में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में दो महत्वपूर्ण सत्र रखे गए हैं:
लोकतंत्र में युवाओं की भूमिका: इस सत्र में जनप्रतिनिधि जनता और सदन के बीच की कड़ी के रूप में अपनी सक्रियता पर चर्चा करेंगे।
विकसित भारत @2047: इस विषय पर युवा विधायक भविष्य के भारत के निर्माण में अपनी कार्ययोजना और विजन को साझा करेंगे।
सम्मेलन के दौरान विधायक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों की ‘सफलता की कहानियों’ (Success Stories) को भी मंच पर रखेंगे, ताकि अन्य राज्यों के प्रतिनिधि भी उनसे प्रेरणा ले सकें। यह आयोजन न केवल युवा नेतृत्व को वैचारिक मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि विधायी प्रक्रियाओं में उनकी भागीदारी को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।