रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में प्रश्नकाल के दौरान गौवंश की स्थिति, दुग्ध उत्पादन और चिराग परियोजना को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने मादा गौवंशीय पशुओं की संख्या, गर्भाधान नीति और टीकाकरण व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए राज्य में दुग्ध उत्पादन की स्थिति को चिंताजनक बताया।
सदन में चर्चा के दौरान अजय चंद्राकर ने सरकार से पूछा कि 53 लाख मादा गौवंश के लिए प्रदेश में गर्भाधान और टीकाकरण की क्या ठोस व्यवस्था है। इसके जवाब में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि बेहतर नस्ल विकसित करने के लिए पूरे प्रदेश में उपकेंद्र और पशु औषधालय सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि दूध उत्पादन को राष्ट्रीय औसत के बराबर लाने के लिए सेक्स सॉर्टेड सीमेन का उपयोग किया जा रहा है और राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत निजी क्षेत्र का सहयोग भी लिया जा रहा है।
वहीं, चिराग परियोजना को लेकर भी सदन में गहमागहमी रही। विपक्ष ने परियोजना के समय से पहले बंद होने पर सवाल उठाए। मंत्री रामविचार नेताम ने सदन को जानकारी दी कि अपेक्षित प्रगति न होने के कारण भारत सरकार ने समीक्षा के बाद यह परियोजना बंद की है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में केवल एक प्रतिशत राशि का ही उपयोग हो पाया था।
विपक्ष के नेता चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी बछिया उत्पादन की योजनाओं और चिराग परियोजना के वित्तीय प्रबंधन पर सरकार को घेरा। परियोजना बंद होने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि मामले का परीक्षण कराया जाएगा और जवाबदेही तय कर आगे की प्रक्रिया की जाएगी। सदन में कानून-व्यवस्था और किसानों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई।