रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय सभागार से मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने योजना के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र सौंपे और लोगों से इस पहल का लाभ उठाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 2,931 हितग्राहियों के खातों में 8 करोड़ 79 लाख रुपये की सब्सिडी राशि भी अंतरित की।
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आज की अनिवार्य आवश्यकता है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण कई परिवार समय पर बिल नहीं भर पाते। इसके चलते सरचार्ज बढ़ने से बकाया राशि का बोझ बढ़ जाता है। उपभोक्ताओं की इसी समस्या को दूर करने के लिए समाधान योजना शुरू की गई है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के करीब 28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को कुल 757 करोड़ रुपये की राहत दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना काल के दौरान पैदा हुई आर्थिक दिक्कतों की वजह से कई उपभोक्ताओं के बिल बकाया रह गए थे। अब योजना के तहत निष्क्रिय उपभोक्ताओं, एकल बत्ती कनेक्शनधारियों और अशासकीय घरेलू व कृषि उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। इसमें सरचार्ज यानी अधिभार की राशि में 100 प्रतिशत की छूट और मूल बकाया राशि में 75 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान किया गया है।
यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को पंजीयन कराना होगा और बकाया राशि का न्यूनतम 10 प्रतिशत हिस्सा जमा करना होगा। शेष राशि को किस्तों में चुकाने की सुविधा दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिविर लगाकर इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि पात्र लोग इसका लाभ ले सकें।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की बढ़ती लोकप्रियता पर भी खुशी जाहिर की और बताया कि प्रदेश में अब तक 36 हजार लोग इससे जुड़ चुके हैं। उन्होंने नागरिकों से बिजली की बचत करने और अनावश्यक उपयोग से बचने का आग्रह भी किया। कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे और ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।