बिलासपुर। बिल्हा स्थित नोवा स्पंज आयरन प्लांट में मंगलवार देर रात एक भीषण हादसा हो गया। प्लांट के फर्नेस सेक्शन में काम के दौरान अचानक पिघला हुआ लोहा (मोल्टन मेटल) गिरने से वहां मौजूद चार कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद हड़कंप मच गया और साथी कर्मचारियों ने आनन-फानन में घायलों को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात करीब 1 बजे शिफ्ट बदलने के बाद बिल्हा निवासी नरेंद्र कोसले, चंद्रहास और बिहार निवासी धर्मवीर व विनय कुमार काम कर रहे थे। इसी दौरान लैडर से पिघला हुआ लोहा डालते समय वह अचानक छलक कर मजदूरों पर गिर गया। गर्म लोहे की चपेट में आने से चारों मजदूर मौके पर ही तड़पने लगे। उन्हें तत्काल संयंत्र की गाड़ी से प्रताप चौक स्थित अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, घायल मजदूर 25 से 40 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं और उनका उपचार जारी है।
घायल कर्मचारी विनय कुमार ने बताया कि लैडर का रिंग कटने की वजह से खौलता हुआ लोहा अचानक बाहर गिर गया। कर्मचारियों ने संयंत्र प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें सुरक्षा के लिए जरूरी जैकेट, चश्मा या अन्य उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। संवेदनशील फर्नेस एरिया में बिना सुरक्षा इंतजामों के काम लिया जा रहा था, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और औद्योगिक सुरक्षा विभाग की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। विभाग अब इस बात की पड़ताल कर रहा है कि सुरक्षा मानकों में कहां चूक हुई और क्या प्रबंधन द्वारा लापरवाही बरती गई थी।