श्योपुर/उमरिया: मध्यप्रदेश के वन्यजीव प्रेमियों के लिए आज का दिन दोहरी खुशियां लेकर आया है। एक तरफ श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में दक्षिण अफ्रीकी देश बोत्सवाना से 9 नए चीते पहुंचे हैं, वहीं दूसरी तरफ उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की एक जांबाज बाघिन ने राजस्थान के मुकुंदरा हिल्स में अपना नया ठिकाना बना लिया है। इन दोनों ही घटनाओं से प्रदेश के ईको-टूरिज्म और वन्यजीव संरक्षण को नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद है।
कूनो में बढ़ा चीतों का कुनबा शनिवार को कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से लाए गए 9 चीतों (6 मादा और 3 नर) का भव्य स्वागत हुआ। केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने खुद अपने हाथों से बाड़े में तीन चीतों को आजाद किया। कूनो की धरती पर अब इन नए मेहमानों की चहलकदमी शुरू हो गई है। हालांकि, सुरक्षा और स्वास्थ्य कारणों से इन्हें अभी कुछ समय तक क्वारंटाइन बाड़े में एक्सपर्ट्स की निगरानी में रखा जाएगा। इस मौके पर प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत सहित कई बड़े जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
बांधवगढ़ की बाघिन का राजस्थान में जलवा दूसरी बड़ी खबर उमरिया जिले से है, जहां बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की साढ़े तीन साल की एक बाघिन करीब 700 किलोमीटर का सफर तय कर राजस्थान के कोटा स्थित मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व पहुंच गई है। ‘अंतरराज्यीय टाइगर ट्रांसलोकेशन कार्यक्रम’ के तहत बांधवगढ़ की यह दूसरी बड़ी कामयाबी है। इससे पहले साल 2016 में यहां से बाघों को ओडिशा के सतकोशिया भेजा गया था। बाघिन के मुकुंदरा हिल्स में छोड़े जाने (सॉफ्ट रिलीजिंग) का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ और अपने नए घर के लिए तैयार नजर आ रही है।