दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज, जिसे पहले पंजाब 95 के नाम से जाना जाता था, इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है। जी5 पर रिलीज होने के महज 48 घंटे बाद ही इस फिल्म को हटा दिया गया। अब इस मामले में नया मोड़ सामने आया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने फिल्म की विषय-वस्तु यानी कंटेंट की बारीकी से जांच करने के लिए एक उच्च-स्तरीय अंतर-विभागीय समिति का गठन किया है।
अचानक क्यों रोकनी पड़ी स्ट्रीमिंग
यह फिल्म पिछले 4 साल से सेंसर बोर्ड से प्रमाण पत्र मिलने का इंतजार कर रही थी। मेकर्स ने बिना किसी बड़े प्रमोशन के इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज किया था। हालांकि, रविवार को अचानक इसे हटा दिया गया। सोमवार को स्पष्ट हुआ कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ही प्लेटफॉर्म को फिल्म की स्ट्रीमिंग रोकने के कड़े निर्देश दिए थे। यह फिल्म पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के लापता होने की घटना पर आधारित है।

क्या है सरकार का आधार
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सरकार ने यह कदम सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए और आईटी नियमों, 2021 के भाग-3 के तहत उठाया है। इस प्रावधान का इस्तेमाल अक्सर तब किया जाता है जब सरकार को लगता है कि कोई कंटेंट देश की सुरक्षा, संप्रभुता या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय हो सकता है। अब गठित की गई समिति यह तय करेगी कि फिल्म में दिखाई गई चीजें नियमों के दायरे में हैं या नहीं।