राजकुमार मलभाटापारा- धान विष्णुभोग हाल- फिलहाल 8000 से 8500 रुपए क्विंटल। संभावना 10000 रुपए क्विंटल तक जाने की क्योंकि राईस मिलें एडवांस सौदे कर रहीं हैं चावल के लिए। ऐसा इसलिए भी कि निर्यात खुलने की स्थितियां बनती नजर आ रहीं हैं।बेहद मजबूत है बारीक धान में विष्णुभोग। सियाराम भी सही स्थिति में है लेकिन एचएमटी में आ रही मंदी और कमजोर मांग किसानों को अब हताश कर रही है। मोटा धान में महामाया की खरीदी बारिश के दिनों के लिए चालू हो चली है इसलिए मजबूत है यह प्रजाति।

कीर्तिमान बनाने की राह
पर इस समय 8000 से 8500 रुपए क्विंटल पर चल रहा है विष्णुभोग धान। तेजी का यह दौर आगे भी बने रहने की प्रबल धारणा है क्योंकि विष्णुभोग चावल में निर्यात की संभावना बनती नजर आ रही है। इसलिए चावल मिलें एडवांस सौदे कर रहीं हैं। मांग के अनुरूप आवक नहीं होने से प्रति क्विंटल कीमत 10000 रुपए पर जाने की संभावना बनी हुई है। इसे देखते हुए उत्पादक क्षेत्रों से संपर्क बढ़ाया जा रहा है।
यह हैं उत्पादक क्षेत्र
प्रदेश में कोरबा, मुंगेली, अंबिकापुर, सरगुजा और बिलासपुर जिले में विष्णुभोग की व्यावसायिक फसल ली जाती है। इन्हीं जिलों से प्रदेश ही नहीं देश के साथ अंतरप्रांतीय मांग पूरी की जाती है लेकिन आवक अब टूटते क्रम पर है और बढ़ते क्रम पर है भाव। आवक कमजोर होने के पीछे खरीफ की तैयारी तो एक वजह है ही। दूसरी बड़ी वजह कमजोर बारिश के अनुमान का सामने आना भी है।
शांत हैं यह प्रजातियां

2700 से 2800 रुपए क्विंटल पर महामाया भले ही मजबूत हो लेकिन सरना में 1700 से 1900 रुपए क्विंटल का भाव किसानों को हताश कर रहा है। एचएमटी 2600 से 2700 रुपए क्विंटल पर स्थिर है जबकि सियाराम 2600 से 3000 रुपए क्विंटल पर शांत है। बारीक धान की इन दोनों प्रजातियों में फिलहाल तेजी की संभावना नहीं है।