भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर भानुप्रतापपुर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित

भानुप्रतापपुर। आदिवासी समाज के महान क्रांतिकारी, स्वतंत्रता सेनानी एवं धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 126वीं पुण्यतिथि के अवसर पर मंगलवार को भानुप्रतापपुर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर अधिकारी-कर्मचारी संघ के सदस्यों एवं समाज के कार्यकर्ताओं ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
वक्ताओं ने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन एवं उनके संघर्षों को याद करते हुए कहा कि उनका जन्म 15 नवंबर 1875 को झारखंड के उलिहातु गांव में हुआ था। उन्होंने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। बिरसा मुंडा ने अपने अल्प जीवन में स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय की अलख जगाई तथा आदिवासी समाज को संगठित कर ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया। मात्र 25 वर्ष की आयु में 9 जून 1900 को उनका निधन हुआ, लेकिन उनके विचार और संघर्ष आज भी समाज को प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम में जनपद पंचायत भानुप्रतापपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जी.आर. चुरेंद्र, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुनाराम तेता, बीएमओ डॉ. सचिंद्र कुमार गोटा, राधेश्याम भास्कर, सी.पी. कोरेटी, मोहन मंडावी, श्रीराम उईके, राधेलाल नुरूटी, पारस कुमार उसेड़ी, कामदेव टेकाम, निर्भय कोवाची, नितेश कोड़ोपी, मनोज मंडावी, सत्या मंडावी, द्रोण नेताम, चंद्रजीत कोरेटी, लालसिंह पोटाई, अशोक तेता एवं सुखलाल मंडावी सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
मातृशक्ति की ओर से बृजबती मतलामी, माधुरी हुपेंडी, तिलो गावड़े, अर्मिला शोरी, यशोदा करंगा, निर्मला गावड़े, राजमणि नुरूटी, रामप्यारी गावड़े, मंजुलता मंडावी, रमिता नरेटी, नीतू पोटाई, अमिता तेता, चंपा पुड़ो, सुलोचना नुरूटी एवं सलमा दर्रो सहित अन्य महिलाओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने भगवान बिरसा मुंडा के बताए मार्ग पर चलने तथा समाज के उत्थान के लिए कार्य करने का संकल्प लिया।

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