संवाददाता-अनूप वर्मा
जनधारा चारामा
तेज दोहरी की धूप हो या जलस्रोतों में कम होता पानी, गर्मी का मौसम अपने साथ कई चुनौतियाँ लेकर आता है। लेकिन विकासखंड के वनांचल गांवों के परिवारों के लिए यही मौसम खुशियों की सौगात लेकर आया है। शासन द्वारा तेंदूपत्ता के बढ़ाए गए दामों ने इस क्षेत्र के सैकड़ों संग्राहक परिवारों की उम्मीदों को नई उड़ान दी है।
गांवों की गलियों में दोपहर का सन्नाटा भले ही छाया रहता हो, पर जंगल की ओर जाने वाली पगडंडियों पर सुबह से शाम तक रौनक देखने को मिलती है। ग्रामीण परिवार, जिसमें महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी शामिल हैं, पूरी मुस्तैदी से तेंदूपत्ता संग्रहण में जुटे हुए हैं। जंगलों से पत्ते तोड़कर लाना, उन्हें सुरक्षित रूप से गट्ठर में भरकर घर तक लाना और फिर छांव में बैठकर 50-50 पत्तों के बंडल (गड्डी) बनाना—इन सब कठिन कामों के बीच उनके चेहरों पर एक समान चमक दिखाई देती है।
वन विभाग और प्रबंधकों की सराहनीय भूमिका:
इस वर्ष संग्रहण कार्य को सुचारू और पारदर्शी बनाने में वन परिक्षेत्र चारामा के वन विभाग और संबंधित परिक्षेत्र प्रबंधकों की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है। वन विभाग की टीम द्वारा संग्रहण केंद्रों (फड़ों) पर ग्रामीणों की सहायता के लिए बढ़-चढ़कर प्रयास किए जा रहे हैं। फड़ मुंशियों और प्रबंधकों द्वारा न केवल समय पर पत्तों की तौलाई और एंट्री सुनिश्चित की जा रही है, बल्कि भीषण गर्मी को देखते हुए केंद्रों पर आवश्यक बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
इसके साथ ही, वन विभाग के अधिकारियों और प्रबंधकों द्वारा लगातार मैदानी स्तर पर दौरा करके ग्रामीणों को शासन की तरफ से दिए जा रहे विभिन्न लाभों और कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। ग्रामीणों को समझाया जा रहा है कि किस प्रकार तेंदूपत्ता संग्राहक कार्ड के माध्यम से उन्हें और उनके परिवार को सामाजिक सुरक्षा, बीमा कवर और बच्चों के लिए छात्रवृत्ति जैसी महत्वपूर्ण सरकारी सुविधाओं का सीधा लाभ मिल रहा है। इस जागरूकता अभियान से वनवासियों का मनोबल बढ़ा है और वे अधिक उत्साह के साथ संग्रहण कार्य में भाग ले रहे हैं।
आर्थिक समृद्धि का नया आधार:
ग्रामीणों में इस बात की बेहद खुशी है कि प्रति मानक बोरा की कीमत बढ़ाकर अब 5,500 रुपये कर दी गई है। इस बढ़ी हुई राशि से संग्राहकों की आमदनी में बड़ा इजाफा हुआ है, जिससे वे अपने पक्के मकान के निर्माण, बच्चों की उच्च शिक्षा और बेहतर भविष्य के सपने को पूरा करने की राह देख रहे हैं।
विकासखंड में लक्ष्य और संग्रहण के आंकड़े:
चारामा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों में संग्रहण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। चालू सीजन 2026 के लिए इस क्षेत्र की समितियों को कुल 5,900 मानक बोरा संग्रहण का अनुमानित लक्ष्य दिया गया है। विभाग की मुस्तैदी के फलस्वरूप, दिनांक 26.05.2026 की स्थिति तक क्षेत्र में कुल 3,924.455 मानक बोरा तेंदूपत्ता खरीदा जा चुका है।
समिति-वार अद्यतन प्रगति इस प्रकार है:
चारामा ‘अ’ समिति: लक्ष्य 900 मानक बोरा | अब तक संग्रहण: 556.570 मानक बोरा
चारामा ‘ब’ समिति: लक्ष्य 600 मानक बोरा | अब तक संग्रहण: 248.960 मानक बोरा
जेपरा समिति: लक्ष्य 1,000 मानक बोरा | अब तक संग्रहण: 836.910 मानक बोरा
पलेवा समिति: लक्ष्य 800 मानक बोरा | अब तक संग्रहण: 375.040 मानक बोरा
पुरी समिति: लक्ष्य 2,600 मानक बोरा | अब तक संग्रहण: 1,906.975 मानक बोरा
कुल योग: लक्ष्य 5,900 मानक बोरा | अब तक कुल संग्रहण: 3,924.455 मानक बोरा
तेंदूपत्ता के बढ़े दामों, वन विभाग के आत्मीय सहयोग और प्रबंधकों के कुशल मार्गदर्शन ने संग्राहकों के चेहरों पर नई रोशनी ला दी है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस मूल्य वृद्धि और पारदर्शी व्यवस्था पर अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त की है और शासन-प्रशासन के प्रति आभार जताया है।