चिवराकुटा गैस कांड: टैंकर मालिक ने लगाया 52,930 किलो गैस चोरी का बड़ा आरोप

0पुलिस व खाद्य विभाग की मिली भगत की आशंका0
0 अभनपुर के ठाकुर पेट्रोकेमिकल को बेचा गया गैस ? 0
0हाईकोर्ट व निचली अदालत के आदेश के बावजूद वाहनों को क्यों नहीं दिया जा रहा ?0
दिलीप गुप्ता
सरायपाली = सरायपाली एसडीएम अनुपमा आनंद द्वारा विगत 23/12/2025 को रात्रि 12 बजे गैस से भरी कैप्सूल से इंडेन गैस के संचालक द्वारा मशीनों के माध्यम से गैस की चोरी करते हुवे पकड़ लिया गया था । जिस पर खाद्य , वन व पुलिस विभाग द्वारा कार्यवाही करते हुवे 6 कैप्सूल , मशीन , भरा व खाली सिलेंडर व पिकअप वाहनों को जप्त कर सिंघोडा थाना को सुपुर्दनामा में दिया गया था । इस बीच आरोपी गैस एजेंसी को कलेक्टर के निर्देश पर सील कर दिया गया था ।
इन सब कार्यवाही के बाद सिंघोड़ा थाना व खाद्य विभाग के द्वारा अपना खेला प्रारंभ किया गया ।


कैप्सूल मालिक द्वारा कलेक्टर को लिखे शिकायत पत्र में कहा गया है कि दोनों विभागों की मिलीभगत से उसे खाली टैंकर लिए जाने का दबाव बनाया जा रहा था । जिसे उसने लेने से इनकार कर दिया था । सवाल यहां यह उठ रहा है कि सिंघोड़ा थाने को सुपुर्दनामे में दिए गया गैस अभनपुर के एक निजी व्यवसायी ठाकुर पेट्रोकेमिकल प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में कैसे पहुंचा ? किसके निर्देश व आदेश पर पहुंचा ? किस चालकों द्वारा इन कैप्सूल गाड़ियों को अभनपुर पहुंचाया गया ? इन तीनो कैप्सूल गाड़ियों में कुल 52930 किलो गैस कहां खपाया गया ? जब सिंघोड़ा थाने को सुपुर्द में दिया गया था तो उस वक्त 52930 किलो की पावती दी गई थी और जब कोर्ट के आदेश के बाद कैप्सूल की सुपुर्दगी दी जानी थी तो सुपुर्दगी में लेने वाले से बिल्कुल अलग तरह का घोषणा पत्र अपने बचाव में क्यों लिया जा रहा था ? कैप्सूल के वाल्व बॉक्स का सिल कैसे टूटा हुआ था ? जप्त कैप्सूल को किसी शासकीय पेट्रोलियम या अन्य सुरक्षित स्थानों पर न रखकर अभनपुर के ठाकुर पेट्रोलियम में किस नियमों के तहत रखा गया ? कोर्ट के आदेश पर 2 पुलिस कर्मी अभनपुर गए थे वे पुलिस कर्मी कौन थे ? उन्होंने क्या कार्यवाही की ? जैसे अनेक प्रश्न है जिनके उत्तर उच्च स्तरीय जांच से ही सामने आयेगा । निश्चित रूप से यह तय है कि इस गैस कांड में सिंघोडा पुलिस व जिला खाद्य अधिकारी की भूमिका भी संदेहास्पद है । बगैर आपसी मिलीभगत के इतना बड़ा गेम संभव नहीं है ।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार कैप्सूल मालिक द्वारा अभनपुर स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ थाने में 52,930 किलो गैस चोरी किए जाने को लेकर एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है वहीं यह भी आने वाले दिनों में संभव है कि सिंघोडा पुलिस व जिला खाद्य अधिकारी के खिलाफ भी प्रशासन द्वारा व कैप्सूल मालिक द्वारा कार्यवाही की जा सकती है ।
इस संबंध में कलेक्टर महासमुंद को दिए गए ज्ञापन में एम एस एवरग्रीन ट्रेलर सर्विस के प्रोपाइटर के . सुब्रमण्यम द्वारा भूपेंद्र कुमार साहू को अधिकार पत्र धारी के हैसियत से कहा है कि उनकी 3 कैप्सूल एलपीजी टेकर वाहन को थाना सिंघोड़ा के अपराध क्रमांक 96/2025 व दांडिक प्रकरण क्रमांक 67/2026, शासन विरुद्ध प्रकाश गुप्ता वगैरह अंतर्गत धारा 305 ई. 287, 3 (5) भारतीय न्याय सहिंता एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3,7 के अनुसंधान में दिनांक 24/12/2025 कागजात जप्त किया जाकर थाना सिंघोड़ा में सुपुर्दनामा में रखा गया था। पंजीकृत स्वामी एम.एस. एवरग्रीन ट्रेलर सर्विस प्रो. के. सुत्नमन्यम द्वारा भूपेंद्र कुमार साहू को उपरोक्त तीनो एलपीजी वाहन को सुपुर्दनामा में प्राप्त करने हेतु आम मुख्यार नियुक्त कर आवेदन माननीय न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सरायपाली को दिनांक 05/01/2026 को आवेदन प्रस्तुत किया गया था जिसे माननीय न्यायालय द्वारा ख़ारिज किये जाने पर आवेदक सुपुर्देदार द्वारा माननीय अतिरक्त सत्र न्यायालय सरायपाली के समक्ष पुनरीक्षण आवेदन प्रस्तुत किया गया जिसे माननीय अतिरक्त सत्र न्यायाधीश के द्वारा दिनांक 16/02/2026 को निरस्त कर किया गया, तब उक्त आदेश से क्षुब्ध होकर आवेदक के द्वारा अपने वाहन को सुपुर्वनामा में प्राप्त करने हेतु आवेदन माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया जिस पर माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर के द्वारा दिनांक 06/04/2026 को उपरोक्त प्रति वाहन को 20,00,000/- रूपए के व्यक्तिगत बंधपत्र जमानतदार) के साथ निजी मुचलका के साथ आवेदक को दिए जाने का निर्णय पारित किया गया। माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर के आदेश के परिपालन हेतु आवेदक के द्वारा माननीय न्यायालय श्रीमान कु. प्रगति गुर्दे, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, सरायपाली जिला महासमुंद को आवेदन दिनांक 09/04/2026 को पेश किये जाने पश्चात् माननीय न्यायालय के द्वारा उपरोक्त वाहन को समस्त दस्तावेज आवेदक को दिए जाने हेतु प्रभारी अधिकारी थाना सिंघोड़ा को आदेशित किया गया । उक्त आदेश दिनांक 09/04/2026 को थाना प्रभारी सिंघोड़ा को दिए जाने पर थाना प्रभारी द्वारा 2-3 दिन बाद उक्त वाहन को ले जाने की बात कही गयी तत्पश्चात आवेदक भूपेंद्र कुमार साहू द्वारा 3 दिन पश्चात् पुनः जब अपनी तीनो वाहन एलपीजी टैंकर लेने गया तब थाना प्रभारी सिंघोड़ा द्वारा उपरोक्त तीनो वाहन को खाद्य विभाग को सुपुर्द किया जाना बताया गया एवं 2-3 दिन और इन्तजार किये जाने की बात कही गयी।


आवेदक 06 दिन पश्चात पुनः अपने वाहन को सुपुर्दनामा में प्राप्त करने हेतु थाना प्रभारी सिंघोड़ा से संपर्क करने पर उनके द्वारा कथन किया गया कि उपरोक्त तीनो एलपीजी वाहन उनके द्वारा पत्राचार के द्वारा सुरक्षार्थ रखने हेतु खाद्य विभाग महासमुंद को सुपुर्द कर दिया गया है खाद्य विभाग महासमुंद में संपर्क किये जाने निर्देशित किया गया। तब आवेदक के द्वारा खाद्य विभाग महासमुंद के अधिकारी अजय कुमार यादव से संपर्क करने पर उनके द्वारा वाहन सुपुर्दनामा हेतु थाना प्रभारी सिंघोड़ा से संपर्क करने कहा गया, तब वह पुनः थाना प्रभारी सिंघोड़ा से थाना जाकर वाहन सुपुर्द करने का निवेदन किया गया, इस पर थाना प्रभारी सिंघोड़ा एवं खाद्य विभाग महासमुंद के अधिकारी अजय कुमार यादव के द्वारा लगातार 5 दिनों तक गोल मोल जवाब देकर वाहन सुपुर्दनामा में नहीं दिया गया।
पुलिस व खाद्य अधिकारी के इस रवैए से आशंकित आवेदक द्वारा अपने उपरोक्त तीनो वाहन में जी पी एस लगे होने से जी पी एस के माध्यम से ट्रैक किया गया तब जाकर ज्ञात हुआ कि उसके स्वामित्व की वाहन एलपीजी टैंकर क्रमांक सीजी 07 सीएक्स 7245 को थाना सिंघोड़ा से दिनांक 30/03/2026 ,सीजी 07 सीएक्स 7244 व सीजी 07 सीएस 1663 को दिनांक 31/03/2026 को अभनपुर स्थित निजी कंपनी ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड में भेज दिया गया है। दिनांक 17/04/2026 को उक्त जी पी एस से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुनः थाना प्रभारी सिंघोड़ा व खाद्य विभाग के अधिकारी अजय कुमार यादव से बात किये जाने पर उनके द्वारा आनन् फानन में उसी दिनांक 17/04/2026 को आवेदक को वाहन सुपुर्दनामे में दिलाये जाने हेतु थाना सिंघोड़ा से दो पुलिस वाले उपलब्ध करा कर उक्त निजी कंपनी ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड में भेजा गया। उक्त दो पुलिस वालो के साथ उक्त निजी कंपनी ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स द्वारा हेतु घोषणा पत्र लिया गया कि मैं संयत्र परिसर में अपने स्वयं के जोखिम पर निकास कर रहा हूँ मैं पूर्ण रूप से समझाता हूँ एवं सहमत कि संयत्र परिसर में मेरी उपस्थिति के दौरान या सामग्री के आवागमन के समय किसी भी प्रकार की हानि, नुकसान, चोरी, दुर्घटना, चोंट या किसी भी प्रकार की घटना के लिए प्रबंधक उत्तरदायी नहीं होगा। वाहन के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार का दावा, मुआवजा या कानूनी दायित्व किसी भी परिस्थिति में कंपनी या उसके प्रबंधक या कर्मचारी के विरुद्ध प्रस्तुत या प्रवर्तित नहीं किया जायेगा । इस तरह लिखने को लेकर संदेह होने पर अपने तीनो वाहनों को दिखाने का निवेदन किया गया ज्ञात हुआ कि उसके तीनो एलपीजी टैंकरों के वाल्व बॉक्स जहां से एलपीजी गैस का लोडिंग व अनलोडिंग होता है, के सुरक्षा सील टूटे हुए है, जो इन्डियन आइल कारपोरेशन से सील होकर आते है।

तब उक्त सील टूटने की जानकारी कंपनी के कर्मचारी से मांगे जाने पर उसके द्वारा यह कहा गया कि उपरोक्त वाहन उसी अवस्था में हमें प्राप्त हुए है। तब आवेदक द्वारा टैंकर में उपस्थित गैस की मात्र जानने हेतु अपने उक्त तीनो एलपीजी वाहन टैकर के रोटर गेज (माप दंड) को जांचा गया तो पाया कि उक्त तीनो एलपीजी टैंकर से गैस को निकला जा चूका है। उक्त तीनो टैंकर में थाना सिंघोड़ा के द्वारा जप्त किये जाने समय लगभग क्रमशः सीजी 07 सीएक्स 7244 में 17670 किलोग्राम एलपीजी गैस, सीजी 07 सीएक्स 7245 में 17580 किलोग्राम एलपीजी गैस तथा सीजी 07 सीएस 1663 में 17680 किलोग्राम एलपीजी गैस मौजूद था।
उक्त वाहनो के रोटर गेज के सील टूटे हुए होने की जानकारी देने पर थाना प्रभारी सिंघोड़ा एवं खाद्य विभाग महासमुंद के अधिकारी अजय कुमार यादव को दिए जाने पर दोनों के द्वारा एक दुसरे पर आरोप प्रत्यारोप किया जाने लगा एवं दोनों के द्वारा वाहन को उसी स्थिति में ले जाने हेतु दबाव बनाया गया किंतु तब आवेदक के द्वारा अपने वाहनो को बिना एलपीजी गैस के ले जाने से मना किया गया एवं व आज दिनांक तक आवेदक को अपनी तीनों वाहने नहीं मिली है ।
घटना वाले दिन उक्त तीनो वाहन एलपीजी टैंकर क्रमांक संख्या सीजी 07 सीएक्स 7244, सीजी 07 सीएक्स 7245 तथा सीजी 07 सीएस 1663 में थाना सिंघोड़ा के द्वारा जप्त किये जाते समय लगभग क्रमशः सीजी 07 सीएक्स 7244 में 17670 किलोग्राम एलपीजी गैस, सीजी 07 सीएक्स 7245 में 17580 किलोग्राम एलपीजी गैस तथा सीजी 07 सीएस 1663 में 17680 किलोग्राम एलपीजी गैस मौजूद या जिसका बिल्टी (बिल) भी थाना प्रभारी सिंघोड़ा के द्वारा जप्त किया गया था। तब जप्तशुदा वाहन को दिनांक 24/12/2025 को थाना सिंघोड़ा के थाना परिसर में रखे जाने बाद माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा सुपुर्दनामा की सुनवाई हेतु दिनांक 30/03/2026 को डायरी मांग किये जाने बाद पुरे 96 दिनों के बाद थाना परिसर सिंघोड़ा से एक निजी कंपनी ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड को उक्त तीनों टैंकरों को भेजा जाना संदेह उत्पन्न करता है एवं इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि उपरोक्त सक्षम अधिकारियों एवं निजी कंपनी के मिली भगत से तीनो एलपीजी वाहनों में रखे गए 52930 किलोग्राम एलपीजी गैस को चुराया गया है। ज्ञातव्य हो कि इतने गैस से सैकड़ों सिलेंडर भरे जा सकते थे इसकी कीमत ही लाखों रुपए है ।

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