पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शपथ लेने के बाद अपनी कैबिनेट के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है। सोमवार को मंत्रियों की जिम्मेदारियां तय होते ही सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। सुवेंदु सरकार ने अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में ममता सरकार के कई पुराने फैसलों को पलटते हुए राज्य के लिए 6 बड़े बदलावों को मंजूरी दी है।

दिलीप घोष को मिला पंचायत, अग्निमित्रा संभालेंगी महिला कल्याण
नई कैबिनेट में बीजेपी के दिग्गज नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को पंचायत व ग्रामीण विकास के साथ कृषि विपणन विभाग दिया गया है। तेजतर्रार नेता अग्निमित्रा पॉल को नगर विकास और नारी व शिशु कल्याण विभाग की जिम्मेदारी मिली है। अशोक कीर्तनिया को खाद्य विभाग, खुधीराम टुडू को आदिवासी विकास और निशिथ प्रामाणिक को उत्तर बंगाल विकास के साथ खेल व युवा कल्याण विभाग सौंपा गया है। इसके अलावा, आईएएस अफसर मनोज अग्रवाल को राज्य का नया मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया है।
पहली कैबिनेट के 6 बड़े फैसले: आयुष्मान भारत लागू, भर्ती में उम्र बढ़ी
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई पहली बैठक में रोजगार और स्वास्थ्य से जुड़े बड़े फैसले लिए गए:
- आयुष्मान भारत: केंद्र सरकार की इस स्वास्थ्य योजना को अब पूरे बंगाल में लागू कर दिया गया है।
- रोजगार में राहत: सरकारी नौकरियों में आवेदन की उम्र सीमा 5 साल बढ़ा दी गई है। यह गृह मंत्री अमित शाह के चुनावी वादे को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम है।
- BSF को जमीन: बॉर्डर पर बाड़बंदी के लिए अगले 45 दिनों के भीतर जमीन हस्तांतरित करने का निर्देश दिया गया है।
- जनगणना: राज्य में जनगणना शुरू करने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है।
- अधिकारी प्रशिक्षण: राज्य के अफसरों को अब केंद्र सरकार के तहत विशेष ट्रेनिंग दिलाई जाएगी।
क्या बोले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी?
कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सीएम सुवेंदु ने कहा कि उनकी सरकार सुरक्षा और विकास से समझौता नहीं करेगी। उन्होंने साफ किया कि बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का काम प्राथमिकता पर है और इसकी प्रक्रिया आज से ही शुरू कर दी गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि 45 दिनों में यह काम पूरा होगा। इसके साथ ही युवाओं को रोजगार के बेहतर मौके देने के लिए उम्र सीमा में छूट का फैसला लिया गया है।