नई दिल्ली/वडोदरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर दुनिया में मंडरा रहे संकटों को लेकर देशवासियों को आगाह किया है। गुजरात के वडोदरा में सरदारधाम छात्रावास का उद्घाटन करते हुए पीएम ने कहा कि दुनिया इस वक्त बहुत अस्थिर दौर से गुजर रही है। पिछले 24 घंटे में यह दूसरी बार है जब उन्होंने वैश्विक हालातों पर चिंता जताई है।

‘पश्चिम एशिया का युद्ध इस दशक का सबसे बड़ा संकट’
प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि पहले कोरोना, फिर आर्थिक मंदी और अब पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध ने पूरी दुनिया की कमर तोड़ दी है। उन्होंने इसकी तुलना कोरोना काल से करते हुए कहा कि अगर महामारी पिछली सदी की सबसे बड़ी आपदा थी, तो वर्तमान युद्ध इस दशक का सबसे गंभीर संकट है। पीएम ने भरोसा दिलाया कि जैसे हमने कोरोना को हराया, वैसे ही इस मुश्किल वक्त से भी बाहर निकल आएंगे।
बचत का मंत्र: पेट्रोल-डीजल कम जलाएं, बस-मेट्रो अपनाएं
बढ़ते ऊर्जा संकट को देखते हुए पीएम मोदी ने जनता से सीधी अपील की है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब हमें पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर करना होगा। पीएम ने सुझाव दिया कि लोग अपनी निजी गाड़ियों के बजाय मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा इस्तेमाल करें। जो लोग ऑफिस जाते हैं, वे ‘कार पुलिंग’ करें यानी एक ही गाड़ी में कई लोग साथ जाएं।
पीएम ने दफ्तरों के लिए भी बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी के दौर में वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा दिया जाए। जहां संभव हो, वहां ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम) को प्राथमिकता दें ताकि सड़कों पर गाड़ियों का दबाव और तेल की खपत कम हो सके।
‘सोना न खरीदें, लोकल सामान अपनाएं’
ईंधन के साथ-साथ पीएम ने सोने के आयात पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सोना खरीदने में देश का बहुत बड़ा पैसा विदेश चला जाता है। पीएम ने अपील की कि जब तक वैश्विक हालात सामान्य नहीं हो जाते, तब तक सोने की खरीदारी को टाल दें। इसके बजाय उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ का नारा दोहराया और कहा कि विदेशी सामान के बजाय अपने देश के उद्यमियों द्वारा बनाए गए लोकल उत्पादों को खरीदें।