Supreme Court on Student protest : देश में चल रहे छात्र आंदोलनों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम और बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा है कि प्रदर्शन के दौरान यदि कोई कानून को अपने हाथ में लेता है तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। इसके साथ ही शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे छात्रों के साथ हुई ज्यादतियों की निष्पक्ष जांच होनी बेहद जरूरी है।
शीर्ष अदालत की बेंच ने की सुनवाई
इस पूरे मामले की सुनवाई देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और अन्य न्यायमूर्तियों की बेंच द्वारा की जा रही है। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह माना कि छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और उनके संवैधानिक अधिकारों के दायरे में था। हालांकि, कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि ऐसे आयोजनों में कई बार ऐसे लोग भी शामिल हो जाते हैं जो माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करते हैं।
राज्यों को नोटिस और डिजिटल पेशी के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, केरल, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकार को आधिकारिक तौर पर नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही सभी संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों को आगामी सुनवाई के दौरान ऑनलाइन माध्यम से पेश होने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि इस घटना से जुड़े सभी सबूतों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए। इस मामले की अगली सुनवाई अब तीन अगस्त को होगी।