नई दिल्ली। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा और अन्य को बतौर आरोपी समन जारी करने के मुद्दे पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। स्पेशल जज सुशांत चंगोट्रा ने इस मामले में आगामी 15 अप्रैल को आदेश सुनाने का दिन निर्धारित किया है। सुनवाई के दौरान वाड्रा के वकील ने दलील दी कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का कोई मामला नहीं बनता है और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दाखिल चार्जशीट पर कोर्ट को संज्ञान नहीं लेना चाहिए।
प्रवर्तन निदेशालय ने जुलाई 2025 में रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनी मेसर्स स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड सहित 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। जांच एजेंसी ने इस मामले में वाड्रा और उनकी कंपनी की लगभग 37.64 करोड़ रुपये मूल्य की 43 संपत्तियों को जब्त किया है। इससे पहले अगस्त 2025 में भी कोर्ट ने इस मामले के आरोपियों को समन जारी करने के निर्देश दिए थे।
यह पूरा मामला वर्ष 2008 में गुरुग्राम के शिकोहपुर में हुए एक जमीन सौदे से संबंधित है। आरोप है कि स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी ने साढे़ तीन एकड़ जमीन साढे़ सात करोड़ रुपये में खरीदी थी, जिसका मालिकाना हक महज 24 घंटे के भीतर वाड्रा की कंपनी को हस्तांतरित कर दिया गया। बाद में इसी जमीन को वर्ष 2012 में एक निजी बिल्डर कंपनी को 58 करोड़ रुपये में बेच दिया गया, जिससे कंपनी को भारी मुनाफा हुआ। इस कथित अनियमितता को लेकर वर्ष 2018 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसकी जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है।