बलौदा बाजार
बलौदा बाजार में आज दानवीर दाऊ कल्याण सिंह की 150 वी जन्म जयंती पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ मनाई गई एवं उनकी दानशीलता को याद करते हुए उन्हें नमन किया गया। छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज द्वारा 4 अप्रैल को शासकीय दाऊ कल्याण सिंह महाविद्यालय परिसर में स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए गया । इस अवसर पर अग्रवाल समाज के साथ-साथ महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

आपको बता दें कि दाऊ कल्याण सिंह का जन्म 4 अप्रैल 1876 को भाटापारा तहसील के ग्राम तरेंगा में हुआ था। वे छत्तीसगढ़ के महान दानवीर और समाजसेवी थे, जिन्हें “छत्तीसगढ़ का भामाशाह” कहा जाता है।उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान देते हुए 1700 एकड़ से अधिक भूमि और अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा दान कर दिया। रायपुर का प्रसिद्ध DKS अस्पताल , कृषि महाविद्यालय भी उनकी ही देन है, जो आज भी उनके परोपकार की मिसाल है।इतना ही नहीं, उन्होंने समाज के हर वर्ग के लिए बिना भेदभाव के मंदिर, मस्जिद, चर्च और धर्मशालाओं के साथ शिक्षा के लिए भी भूमि दान की।

उनका पूरा जीवन दीन-दुखियों की सेवा के लिए समर्पित रहा।आज उनकी जयंती पर बलौदा बाजार में आयोजित कार्यक्रम ने एक बार फिर समाज को उनके आदर्शों और त्याग की याद दिलाई।समाज के वरिष्ठ सदस्य रामगोपाल अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने 143 गांव जो उनके पूर्वजों ने गिरवी रखे थे उन्हें छुड़वाया था आगे चलकर जब उनकी कोई सन्तान नहीं हुई तो उन्होंने चिकित्सा, शिक्षा के लिए जमीन दान कर दी जिसका लाभ आज पूरा समाज उठा रहा है आज उनकी 150वी जन्मदिवस पर हमारा पूरा समाज उनकी दानशीलता को याद करता है और उन्हें नमन करता है।