0 गांजा तस्करी के अत्यधिक प्रकरणों को देखते हुवे विशेष न्यायालय का गठन किया गया 0
दिलीप गुप्ता
सरायपाली : सरायपाली न्यायालय क्षेत्र के अंतर्गत सिंघोड़ा थाने में अत्यधिक गांजा तस्कर मामलों को देखते हुवे विशेष न्यायालय का गठन किया गया है जहां मामलों को त्वरित गति से निपटाए जाने का प्रयास किया जा रहा है ।
इसी तारतम्य में आज दो अलग अलग प्रकरणों में सरायपाली स्थित विशेष न्यायालय NPDS के विशेष न्यायाधीश श्रीमान पवन कुमार अग्रवाल के द्वारा थाना सिंघोडा के अपराध क्रमांक 53/2025 में आरोपी बालकमुनी जी महाराज एवं टी.टी. शर्मा को 8 किलो गांजा परिवहन करने में दो आरोपीयों को तीन-तीन वर्ष का कारावास एवं 50,000/-, 50,000/- के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। दुसरे मामले में थाना सिंघोडा में दर्ज अपराध कमांक 22/2025 में आरोपी रिंकू राणा, आशीष शर्मा एवं पाबीनी दिगल को 5.500 किलो गांजा परिवहन करने के दोनो मामले में 3-3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं दस हजार-दस हजार रू. के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया, दोनो मामलों में अर्थदण्ड भुगतान न करने पर अतिरिक्त एक-एक वर्ष का सश्रम कारावास के दण्ड से दण्डित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा सरायपाली के क्षेत्र अंर्तगत अंर्तराज्यीय गांजा तस्करी के मामलों की अत्यधिक संख्या होने पर पवन कुमार अग्रवाल को नारकोटिक एवं ड्रग्स प्रकरण से संबंधित विचारण के लिये विशेष न्यायालय का गठन किया गया है। उक्त न्यायालय में केवल नारकोटिक से संबंधित ही मामलों का विचारण किया जाता है, शासन की मंशा के अनुसार माह अप्रैल 2026 में उक्त विशेष न्यायालय के गठन के पश्चात् अप्रैल में चार मामले तथा मई में दो मामले निराकृत किये गये है। गांजा से तस्करी मामले में दोषीयों को
शीघ्र विचारण कर कठोर दण्ड से दण्डित किया जा रहा है जिस कारण तस्करों में भयव्याप्त है। नशे के कारोबारी युवा वर्ग के भविष्य एवं स्वास्थ्य से खिलवाड कर रहे है, जिस कारण नशीली पदार्थ के तस्करों को कठोर दण्ड से दण्डित कर अभियोजन अपना सामाजिक दायित्व निर्वाह कर रहा है, वहीं त्वरित कार्यवाही एवं शीघ्र न्याय व्यवस्था से न्यायालयों के प्रति आम जनता का विश्वास और मजबूत हो रहा हैं। उक्त दोनो मामलें में स्वतंत्र साक्षी परसराम नवरंग, फकीरो नवरंग, नरेन्द्र मिरी ने पक्षद्रोह होकर अभियोंजन को समर्थन नहीं किया परन्तु पुलिस साक्षी जीर्वधन बरिहा, रमाकांत त्रिपाठी, भुनेश्वर मनहर, यशवंत ठाकुर, बोधकुमार, भूपति पटेल के अखण्डित साक्ष्यों से तथा विवेचक सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मण साहू, विवेचक कौशल साहू के द्वारा वैध प्रक्रियाओं का पालन करने के कारण न्यायालय द्वारा अभियोजन पर विश्वास करते हुए दोनो मामलों में आरोपीयों को दण्डित किया गया।
शासन की ओर से उक्त दोनो मामलों में विशेष लोक अभियोजक देवेन्द्र कुमार शर्मा (NDPS) द्वारा पैरवी की गई।