अंबिकापुर। सरगुजा संभाग के सबसे बड़े सार्वजनिक मैदानों में शामिल पीजी कॉलेज ग्राउंड इन दिनों बदहाल व्यवस्था और रखरखाव की कमी को लेकर चर्चा में है। करोड़ों रुपये की लागत से हाल ही में यहां सौंदर्यीकरण, वॉकिंग ट्रैक, पौधारोपण, लाइटिंग और अन्य विकास कार्य कराए गए थे, लेकिन अब देखरेख के अभाव में व्यवस्थाएं बिगड़ने लगी हैं।

शहर में इन दिनों तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। ऐसे में ग्राउंड में लगाए गए पौधों को नियमित पानी नहीं मिल पा रहा। भीषण गर्मी और लापरवाही के चलते कई पौधे सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते देखभाल नहीं हुई तो लाखों रुपये खर्च कर किया गया पौधारोपण पूरी तरह खराब हो सकता है।

ग्राउंड में बनाए गए वॉकिंग ट्रैक भी कई जगहों पर क्षतिग्रस्त होने लगे हैं। वहीं लाइट व्यवस्था के लिए लगाए गए डिवाइडर और अन्य संरचनाओं की हालत भी खराब होती जा रही है। लोगों का कहना है कि विकास कार्य तो कराए गए, लेकिन उनके रखरखाव की कोई स्थायी व्यवस्था नजर नहीं आ रही।
आजाद सेवा संघ के प्रदेश सचिव रचित मिश्रा ने कहा कि पीजी कॉलेज ग्राउंड केवल एक मैदान नहीं, बल्कि सरगुजा संभाग की पहचान है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में युवा, खिलाड़ी, बुजुर्ग और आम नागरिक मॉर्निंग वॉक, खेलकूद और स्वास्थ्य गतिविधियों के लिए पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर विकास कार्य कराना अच्छी बात है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी उसका नियमित रखरखाव है। पौधों की सिंचाई, साफ-सफाई और संरचनाओं की निगरानी नहीं होने से पूरा प्रोजेक्ट प्रभावित हो रहा है।
रचित मिश्रा ने नगर निगम अंबिकापुर और संबंधित विभाग से मांग की है कि ग्राउंड का जल्द निरीक्षण कराया जाए। साथ ही पौधों की नियमित सिंचाई, वॉकिंग ट्रैक की मरम्मत, लाइट व्यवस्था और पूरे परिसर के रखरखाव के लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं मिलती रहें।
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