रतनपुर, 25 जून 2026। बिलासपुर जिले की रतनपुर तहसील में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक और बड़ी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी ने लालपुर के हल्का पटवारी भानु चंद्राकर को 25,000 रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ धर दबोचा। आरोपी पटवारी एक पीड़ित से जमीन के नक्शा बटांकन (नक्शा विभाजन) के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था।
सालभर से अटका था काम, पटवारी मांग रहा था 40 हजार
जानकारी के मुताबिक, रतनपुर निवासी अशोक अग्रवाल ने लालपुर स्थित अपनी जमीन का नक्शा बटांकन कराने के लिए करीब एक साल पहले तहसीलदार रतनपुर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था। तहसीलदार ने इस कार्य को पूरा करने के लिए लालपुर पटवारी भानु चंद्राकर को आदेशित भी कर दिया था। इसके बाद जब पीड़ित ने पटवारी से संपर्क किया, तो उसने काम के बदले 40,000 रुपये रिश्वत की डिमांड रख दी। पीड़ित रिश्वत देने के बजाय भ्रष्ट पटवारी को सबक सिखाना चाहता था, जिसके चलते उसने मामले की शिकायत एसीबी बिलासपुर इकाई से कर दी।
मोलभाव के बाद 25 हजार में हुआ था सौदा
एसीबी की टीम ने जब शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया तो मामला बिल्कुल सही पाया गया। सत्यापन के दौरान ही जब पीड़ित और पटवारी के बीच पैसों को लेकर मोलभाव हुआ, तो आरोपी पटवारी भानु चंद्राकर 25,000 रुपये लेने पर राजी हो गया। इसके बाद एसीबी ने पटवारी को दबोचने के लिए पूरा जाल बुछाया।
तहसील कार्यालय में ही दबोचा गया आरोपी
आज पटवारी भानु चंद्राकर ने पीड़ित अशोक अग्रवाल को रिश्वत की रकम लेकर तहसील कार्यालय रतनपुर बुलाया था। जैसे ही पीड़ित ने तहसील दफ्तर के भीतर पटवारी को केमिकल लगे 25,000 रुपये सौंपे, वैसे ही वहां सादे कपड़ों में मुस्तैद एसीबी बिलासपुर की टीम ने धावा बोलकर आरोपी को रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी पटवारी के पास से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
भ्रष्ट पटवारी भानु चंद्राकर के खिलाफ धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गौरतलब है कि राज्य में भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एसीबी लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। इस सफल ट्रैप के बाद डीएसपी एसीबी बिलासपुर ने आम जनता से दोबारा अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी सेवक किसी काम के बदले घूस की मांग करता है, तो बिना डरे इसकी सूचना तुरंत एसीबी को दें।