राजनांदगांव, 25 जून 2026। छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव वासियों की बरसों पुरानी मांग को पूरा करते हुए इसे नगर पालिका परिषद का दर्जा दे दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस ऐतिहासिक फैसले की जानकारी उपमुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने सोशल मीडिया के जरिए साझा करते हुए क्षेत्र की जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि डोंगरगांव को नगर पालिका का दर्जा मिलना विकास की एक नई शुरुआत है, जिससे नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं मिलेंगी और हमारा संकल्प इसे एक स्वच्छ व सुव्यवस्थित शहर बनाना है।
राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही थमी बरसों की प्रतीक्षा
डोंगरगांव को नगर पंचायत से उन्नत कर नगर पालिका परिषद बनाने की मांग स्थानीय लोग लंबे समय से कर रहे थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा के बाद जैसे ही राजपत्र में इसकी अधिसूचना प्रकाशित हुई, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। नगरवासियों ने इस फैसले का आतिशबाजी और मिठाइयां बांटकर स्वागत किया। लोगों का मानना है कि इस दर्जे के साथ ही डोंगरगांव ने विकास के एक नए युग में कदम रख दिया है।
बढ़ेगा बजट, बुनियादी सुविधाओं को मिलेगी रफ्तार
छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 के तहत हुए इस उन्नयन से अब डोंगरगांव को विकास कार्यों के लिए पहले से कहीं अधिक सरकारी बजट और संसाधन मिल सकेंगे। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, करीब 14 हजार 693 की आबादी वाले इस शहर की भौगोलिक सीमाएं तो यथावत रहेंगी, लेकिन यहां बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार होगा। अब सड़क, नाली, शुद्ध पेयजल, आधुनिक स्वच्छता, लाइटिंग, पार्क और सामुदायिक भवनों के निर्माण के लिए ज्यादा फंड उपलब्ध होगा। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की बड़ी शहरी विकास योजनाओं का सीधा लाभ भी स्थानीय जनता को मिलेगा।
बीते हफ्ते बिलासपुर के ‘कोटा’ को भी मिला था यही दर्जा
गौरतलब है कि राज्य सरकार प्रदेश के बड़े कस्बों को तेजी से शहरी मुख्यधारा में जोड़ने का प्रयास कर रही है। डोंगरगांव से ठीक एक हफ्ते पहले बिलासपुर जिले के कोटा को भी नगर पालिका का दर्जा दिया गया है। कोटा को नगर पालिका बनाने का वादा उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने 14 अगस्त 2025 को किया था, जिसे सरकार ने हाल ही में अधिसूचना जारी कर पूरा किया है। अब डोंगरगांव को भी यह सौगात मिलने से क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के रास्ते खुल गए हैं।
