Pariksha Pe Charcha 2026 : रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ में छत्तीसगढ़ ने एक नया इतिहास रच दिया है। परीक्षा को तनाव के बजाय ‘उत्सव’ की तरह मनाने के इस अभियान में छत्तीसगढ़ के अभिभावकों (पालकों) ने पूरे देश में सबसे ज्यादा सहभागिता दिखाई है। 81,533 पालकों के पंजीयन के साथ छत्तीसगढ़ इस श्रेणी में देश में प्रथम स्थान पर काबिज हो गया है, जो राज्य में बढ़ती शैक्षणिक जागरूकता का एक बड़ा प्रमाण है।
Pariksha Pe Charcha 2026 : देशभर में गूंजा छत्तीसगढ़ का नाम: कुल पंजीयन में चौथा स्थान छत्तीसगढ़ न केवल पालकों की भागीदारी में अव्वल है, बल्कि कुल पंजीयन के मामले में भी राष्ट्रीय स्तर पर चौथे पायदान पर पहुंच गया है। अब तक राज्य से कुल 25.16 लाख प्रतिभागियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसमें 22.75 लाख छात्र और 1.55 लाख शिक्षक शामिल हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि को राज्य के लिए गौरव की बात बताते हुए कहा कि यह सफलता दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ के अभिभावक अब बच्चों पर दबाव डालने के बजाय उनका आत्मविश्वास बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
नवाचारों ने बदली तस्वीर: ‘परीक्षा पे चर्चा मेला’ बना गेम चेंजर
छत्तीसगढ़ की इस कामयाबी के पीछे वन-टू-वन रणनीति और अभिनव प्रयोग रहे हैं। विशेष रूप से सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा मेला’ ने रिकॉर्ड तोड़ सफलता हासिल की, जहां महज एक दिन में 10,000 से अधिक पंजीयन हुए। इसके अलावा ‘अंगना म शिक्षा’ कार्यक्रम और मेगा पीटीएम (शिक्षक-पालक सम्मेलन) के जरिए ग्रामीण इलाकों तक इस अभियान को जन-आंदोलन बनाया गया। बलौदाबाजार और सारंगढ़ जैसे जिलों ने पालकों के पंजीयन में मिसाल कायम की है।
शिक्षकों और छात्रों में जबरदस्त उत्साह
राज्य सरकार ने पंजीयन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों पर ही ‘ऑन-साइट’ पंजीयन की व्यवस्था की। पिछले वर्ष की प्रतिभागी कु. युक्तामुखी जैसे छात्रों के प्रेरक अनुभवों ने अन्य विद्यार्थियों में भी आत्मविश्वास भरा है। शिक्षक भी इस अभियान से जुड़कर छात्रों को परीक्षा प्रबंधन और तनाव मुक्ति के गुर सिखा रहे हैं।
लक्ष्य अभी बाकी: 30 लाख पंजीयन की तैयारी
पंजीयन की प्रक्रिया 11 जनवरी 2026 तक खुली है। राज्य का शिक्षा विभाग और प्रशासन अब 30 लाख से अधिक पंजीयन के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। ‘परीक्षा पे चर्चा’ केवल एक संवाद कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सामाजिक चेतना बन चुका है, जहां पीएम मोदी सीधे छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से जुड़कर परीक्षा के डर को दूर करने का मंत्र देते हैं।