डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नई जंग: CJP और बीजेपी के बीच क्यों बढ़ी तकरार

रायपुर। नीट पेपर लीक के मामले में सीजेपी के छात्र आंदोलन का अब खत्म हो गया है। जहां, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। वैसे अब नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन खत्म हो गया है। इस विजय पर काकरोच जनता पार्टी ने अपने सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर सरकार को झुकाने का दंभ भरती नजर आ रही है। अपनी जीत पर सीजेपी के प्रवक्ताओं ने कहा-झुकती हैं दुनिया, झुकाने वाला चाहिए, इसका आशय है, झुकती हैं सरकारें, झुकाने वाला चाहिए। CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, ‘हमारी सभी मांगें मान ली गई हैं। अपनी जीत के जश्न पर जंतर-मंतर के धरना स्थल पर बने मंच पर कहते हैं कि, लोग कहते थे कि ये सरकार किसी के सामने नहीं झुकती है, हमने झुका दिया। इस तरह के अनगिनत विडियो वायरल होने के बाद भाजपा ने इसे दूसरा रूख देते हुए एक अभियान छेड़ा है, युवाओं का हित केंद्र सरकार के लिए सर्वोपरि है। लेकिन रविवार को अचानक भाजपा भी विपक्ष के बयानों का काउंटर करते हुए अपने सोशल मीडिया पर काकरोच जनता पार्टी के खिलाफ सोशल मिडिया के सभी प्लेटफार्मों पर आक्रामक हो गई है।


ऐसे में भाजपा भी काकरोच जनता पार्टी के प्रेस कांफ्रेंस में आशुतोष रांका के बयान को काउंटर करते हुए उनके जवाब को घेरे में ले लिया है। इसमें छत्तीसगढ़ भाजपा ने अपने सोशल मीडिया के फ्लेटफार्म पर उनका एक विडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि, कथित ‘छात्र आंदोलन’ के नाम पर CJP का असली एजेंडा बेनकाब…! एक तरफ यूपी सरकार को खुली धमकियां, दूसरी तरफ पंजाब के पेपर लीक पर पूरी चुप्पी। साफ है-इन्हें छात्रों के भविष्य से नहीं, बल्कि छात्रों के नाम पर राजनीति चमकाने से मतलब है। ऐसे में जाहिर है कि भाजपा अपनी छवि सीजेपी के मुकाबले सुधारने के लिए सोशल मीडिया को एक बड़ा माध्यम बनाएगी। ये भी आने वाले दिनों में सीजेपी भी भाजपा के कई आरोपों का जवाब भी अपने तरीके से दे।

भाजपा ने कहा- इस मामले को अब विपक्ष दूसरा रूप दे रहा है। जबकि केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने के साथ ही छात्रों की सभी मांगों को मान लिया है। इसमें प्रमुख रूप से प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी पुरानी FIR वापस ली जाएंगी। जंतर-मंतर या 20 जुलाई के प्रदर्शन से जुड़े किसी भी व्यक्ति को भविष्य में परेशान नहीं किया जाएगा। NEET पेपर लीक की वजह से अपने बच्चों को खोने वाले परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। परीक्षा प्रणाली में सुधार लाने के लिए सरकार को 5-सूत्रीय मांग पत्र भी सौंपा गया है। इसके बावजूद विपक्ष नैरेटिव फैलाने में जुटा हुआ है।

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