लखनऊ। यूपी में वन्यजीव पर्यटनलगातार नई ऊंचाइयाें को छू रहा है। पिछले वर्ष एक नवंबर से शुरू हुआ पर्यटन सत्र बीते दिन समाप्त हो गया। इसके साथ ही प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व बंद हो गए। इस बार दुधवा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व पर्यटकों की पहली पसंद बने रहे।
आठ माह के दौरान दोनों टाइगर रिजर्व में कुल 1,33,194 पर्यटक पहुंचे, जिनमें 1,32,182 भारतीय और 1,012 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या से दोनों टाइगर रिजर्व को 4.58 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है।
दुधवा टाइगर रिजर्व में इस पर्यटन सत्र के दौरान 75,615 भारतीय और 796 विदेशी, यानी कुल 76,411 पर्यटक पहुंचे।
वहीं पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 56,567 भारतीय तथा 216 विदेशी, कुल 56,783 पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया। इस पर्यटन सत्र में पर्यटकों को टाइगर, बारहसिंगा, भालू व गैंडा सहित अनेक वन्यजीवों के दीदार हुए।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में ‘दिव्य दर्शन’ कार्यक्रम के तहत दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों को विशेष सफारी कराई गई। इसके अलावा 110 टूरिस्ट गाइड्स की देखरेख में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों और अन्य पर्यटकों को भी वन क्षेत्र का भ्रमण कराया गया।
दुधवा टाइगर रिजर्व में इस बार पर्यटकों की संख्या में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2025-26 के पर्यटन सत्र में दुधवा टाइगर रिजर्व को 2.96 करोड़ रुपये तथा पीलीभीत टाइगर रिजर्व को 1.62 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। दोनों टाइगर रिजर्व का कुल राजस्व 4.58 करोड़ रुपये से अधिक रहा, जो वन्यजीव पर्यटन के प्रति बढ़ते आकर्षण का प्रमाण है।