40 के बाद शरीर में बदलाव: उम्र बढ़ने के साथ होने वाले इन 3 बदलावों से डरें नहीं, एक्सपर्ट्स से जानें आसान उपाय

नई दिल्ली। जैसे-जैसे उम्र बढ़ने लगती है, शरीर में बदलाव होना एक बेहद आम बात है। पर कई लोग इन बदलावों से या तो जागरूक नहीं होते या इनके लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं होते। यही वजह है कि वे बदलते शरीर को लेकर ज्यादा चिंता करने लगते हैं। कई लोग तो इसके लिए इंटरनेट पर मौजूद घरेलू नुस्खे या वायरल उपाय अपनाने से भी नहीं चूकते जो नुकसानदेह हो सकते हैं। आइए आपको बताते हैं कि 40 की उम्र पार करने के बाद शरीर में कौन से बदलाव एकदम सामान्य हैं और इन पर चिंता करने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है।

हड्डियों का कमजोर होना

जब उम्र बढ़ने लगती है तो हड्डियां कमजोर होने लगती हैं जो कि एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। बता दें कि इंसान की रीढ़ की हड्डी में कुल 24 हड्डियां होती हैं। समय के साथ बोन डेंसिटी यानी हड्डियों का घनत्व और मजबूती कम होने लगती है। इसके साथ ही हड्डियों के जोड़ों के बीच पाया जाने वाला डिस्क रूपी तरल पदार्थ यानी चिकनाई भी कम होने लगती है जिससे वे कमजोर हो जाती हैं और उठने-बैठने में थोड़ी तकलीफ होने लगती है।

कैसे करें बचाव

शरीर के इस बदलाव से होने वाली तकलीफ को आसानी से रोका जा सकता है अगर अपनी जीवनशैली को अच्छा रखा जाए। रोज सुबह थोड़ी देर टहलना, हल्की दौड़ लगाना और कसरत करने के साथ ही भोजन में कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर चीजें शामिल करनी चाहिए। दूध, दही और हरी सब्जियां खाने से हड्डियों को ताकत मिलती है।

दिल और खून की नसों में बदलाव

एक तय उम्र के बाद दिल और खून की नसों का लचीलापन थोड़ा कम होने लगता है। इसकी वजह से दिल को पूरे शरीर में खून पहुंचाने के लिए पहले से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। ऐसी स्थिति में आराम करते समय तो दिल की धड़कन सामान्य रहती है लेकिन कोई भारी काम या मेहनत करते समय धड़कन उतनी तेजी से नहीं बढ़ती जैसे जवानी में बढ़ती थी। इसकी वजह से ब्लड प्रेशर यानी रक्तचाप से जुड़ी परेशानी बढ़ने का खतरा रहता है।

कैसे रखें दिल का ख्याल

हफ्ते में कम से कम 150 मिनट हल्की कसरत या योग करने से दिल मजबूत रहता है। इसके साथ ही तैराकी करना, पौष्टिक खाना खाना, रात में 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेना और तनाव मुक्त रहने के लिए ध्यान लगाना बेहद फायदेमंद साबित होता है।

पाचन तंत्र का धीमा होना

बढ़ती उम्र के साथ पेट साफ न होने और कब्ज की परेशानी भी आम हो जाती है। इसके पीछे बहुत से कारण जिम्मेदार होते हैं जैसे शारीरिक मेहनत कम करना, पर्याप्त पानी न पीना और खाने में हरी सब्जियों की कमी होना। इसके अलावा कुछ बीमारियों की दवाइयां खाने की वजह से भी पेट की खराबी हो सकती है।

पाचन ठीक रखने के उपाय

पेट को दुरुस्त रखने के लिए रोज नियम से व्यायाम करें और दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीकर खुद को हाइड्रेट रखें। अपने भोजन में चोकरयुक्त आटा, फल और सलाद जैसी चीजें शामिल करें जिनमें फाइबर ज्यादा होता है। फाइबर वह तत्व है जो पेट को साफ रखने में मदद करता है। इसके साथ ही ज्यादा चर्बी वाले मांस और हैवी डेयरी प्रोडक्ट्स यानी घी-मक्खन का सेवन थोड़ा कम कर दें।

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