25 जुलाई 2026 की सुबह 3:54 बजे बुध ग्रह मिथुन राशि में मार्गी होने जा रहे हैं। ज्योतिष के अनुसार बुध बुद्धि, वाणी, व्यापार, शिक्षा, संचार और धन के कारक माने जाते हैं। जब बुध सीधी चाल चलते हैं तो उनके प्रभाव में बदलाव देखने को मिलता है। इस बार का परिवर्तन कुछ राशियों के लिए लाभदायक रहेगा, जबकि 4 राशियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
आइए जानते हैं किन राशियों को इस दौरान संभलकर रहने की जरूरत है।
वृषभ राशि: वाणी और धन के मामलों में बरतें सावधानी
बुध के मार्गी होने से वृषभ राशि के लोगों की वाणी और आर्थिक मामलों पर असर पड़ सकता है। बातचीत के दौरान गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं। कार्यस्थल और परिवार में सोच-समझकर बोलें।
इस दौरान किसी को उधार देने से बचें। नया निवेश करने से पहले अच्छी तरह विचार करें। जल्दबाजी में लिया गया आर्थिक फैसला नुकसान पहुंचा सकता है।
कन्या राशि: काम का दबाव बढ़ सकता है
कन्या राशि के स्वामी बुध ही हैं। ऐसे में उनकी चाल बदलने का सीधा असर इस राशि पर पड़ सकता है।
कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। मानसिक तनाव और थकान महसूस हो सकती है। सहकर्मियों के साथ विवाद की स्थिति बन सकती है। किसी भी तरह की कार्यालयी राजनीति से दूर रहें और अपने काम पर ध्यान दें।
वृश्चिक राशि: अचानक खर्च बढ़ने के संकेत
वृश्चिक राशि वालों को इस अवधि में आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है। अचानक बड़े खर्च सामने आ सकते हैं।
साझेदारी के कारोबार में मतभेद हो सकते हैं। किसी भी दस्तावेज पर बिना पढ़े हस्ताक्षर न करें। वाहन चलाते समय भी अतिरिक्त सावधानी बरतें।
मीन राशि: परिवार और संपत्ति के मामलों में रखें धैर्य
मीन राशि के लोगों के लिए यह समय घरेलू जीवन में कुछ चुनौतियां ला सकता है। परिवार में तनाव की स्थिति बन सकती है। माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ सकती है।
यदि नया घर, जमीन या वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं तो कुछ समय इंतजार करना बेहतर माना गया है।
अशुभ प्रभाव कम करने के उपाय
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार बुध के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं।
- बुधवार को भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें।
- गणेश जी को मोदक का भोग लगाएं।
- गाय को हरा चारा या हरी सब्जियां खिलाएं।
- नियमित रूप से “ॐ बुं बुधाय नमः” मंत्र का जाप करें।
नोट: यह जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल धार्मिक और पारंपरिक जानकारी देना है। इसकी सत्यता या प्रभाव की पुष्टि नहीं की जा सकती।