चारामा | अनूप वर्मा
नगर और आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार की शाम मौसम ने अचानक करवट ली। चिलचिलाती धूप और उमस के बीच शाम 4:00 बजे के बाद आसमान में काली घटाएं छा गईं और देखते ही देखते तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई। लगभग आधे घंटे से अधिक समय तक प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला, जिससे जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर भारी नुकसान भी हुआ है।
आंधी की रफ्तार ने मचाई तबाही
मंगलवार शाम आई आंधी इतनी शक्तिशाली थी कि नगर के कई हिस्सों में बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर धराशायी हो गए। हवा की गति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घरों की छतों पर रखे भारी गमले और अन्य सामान उड़कर दूर जा गिरे। कई स्थानों पर खड़े वाहन भी हवा के झोंकों से प्रभावित हुए।
नेशनल हाईवे 30 पर लगा जाम
तेज तूफान के कारण नेशनल हाईवे के किनारे स्थित विशालकाय पेड़ सड़क के बीचों-बीच गिर गए। नेशनल हाईवे होने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और घंटों जाम की स्थिति बनी रही। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों ने तत्परता दिखाई। कड़ी मशक्कत के बाद कुल्हाड़ी और क्रेन की मदद से पेड़ों को हटाकर रास्ता साफ किया गया, तब जाकर यातायात बहाल हो सका।
किसानों और बागवानों को दोहरा नुकसान
इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने फलों के राजा ‘आम’ की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। पेड़ों पर लदे पके हुए आम तेज हवा के कारण जमीन पर गिर गए, जिससे बागवानों की मेहनत पर पानी फिर गया। सड़कों के किनारे कीचड़ और मलबे का ढेर लग गया है, जिससे राहगीरों को चलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गर्मी से राहत, पर नुकसान का गम
हालांकि, इस बारिश ने तपती धरती की प्यास बुझाई और लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है, लेकिन आंधी और ओलों से हुए नुकसान ने लोगों को चिंता में डाल दिया है। बिजली के तार टूटने से नगर के कई हिस्सों में घंटों तक अंधेरा छाया रहा।
कुदरत का कहर: तेज आंधी और ओलावृष्टि से चारामा में जनजीवन अस्त-व्यस्त, नेशनल हाईवे पर लगा घंटों लंबा जाम

05
May