राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी विवाद: सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नए अध्यक्ष की नियुक्ति को बताया अवैधानिक, कोर्ट जाने की बात दोहराई

रायपुर। राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी को लेकर गरमाई सियासत पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बड़ा बयान दिया है। दिल्ली प्रवास से देर रात रायपुर लौटने के बाद एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारत स्काउट्स एंड गाइड्स छत्तीसगढ़ की परिषद में वैधानिक प्रक्रिया की अनदेखी की गई है। वैधानिक अध्यक्ष होने के बावजूद उन्हें हटाए बिना नए अध्यक्ष की घोषणा करना नियमों के खिलाफ है, जिसके चलते उन्होंने न्यायालय का रुख किया है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली प्रवास के दौरान वे केमिकल फर्टिलाइजर संबंधी बैठक में शामिल हुए, जिसमें देशभर के किसानों को सस्ती खाद उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई। दूसरी बैठक जेपीसी की थी, जिसमें 1/30 अमेंडमेंट बिल पर विचार किया गया, जिसके तहत कोई मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री या मंत्री यदि 30 दिनों के लिए जेल जाता है तो उसका पद स्वतः समाप्त हो जाएगा। तीसरी बैठक एस्टिमेट कमेटी की थी, जिसमें स्कूल शिक्षा और समग्र शिक्षा को नवोदय विद्यालयों को सौंपने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।

राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी और राज्य अध्यक्ष की नियुक्ति पर सांसद अग्रवाल ने कहा कि वैधानिक अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने विसंगतियों को उठाया। परिषद ने कार्यक्रम स्थगित करने का निर्णय लिया था। उन्होंने पहले ही पार्टी और सरकार के वरिष्ठ नेताओं को अवगत कराया था कि अध्यक्ष पद पांच वर्ष का होता है और उन्हें हटाए बिना नई नियुक्ति होने पर वे कोर्ट जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा की गई नई अध्यक्ष की घोषणा वैधानिक नहीं है।

वहीं, पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के बृजमोहन अग्रवाल की स्थिति देखकर दुख होने वाले बयान पर पलटवार करते हुए सांसद अग्रवाल ने कहा कि मेरी स्थिति पर किसी को दुखी या खुश होने की जरूरत नहीं है, मैं अपनी स्थिति खुद बनाता हूं।

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