नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल राजनीति का भविष्य बल्कि देश की दिशा और नियति भी तय करेगा- महापौर संजूदेवी राजपूत
बैकुण्ठपुर – भाजपा महिला मोर्चा द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम ऐतिहासिक सुधार को लेकर विश्राम गृह बैकुण्ठपुर में प्रेसवार्ता किया। इस अवसर पर मुख्य रूप कोरबा नगर निगम महापौर संजूदेवी राजपूत,जिला पंचायत उपाध्यक्ष वंदना राजवाड़े, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रीता यादव, नगर पालिका अध्यक्ष नविता शिवहरे, नगर पंचायत अध्यक्ष गायत्री सिंह, जिला मीडिया प्रभारी तीरथ राजवाड़े, मंडल अध्यक्ष अनिल खटिक, महिला मोर्चा जिला मंत्री ऑचल सिंह परमार प्रमुख रूप से उपस्थित रहें।
महापौर संजूदेवी राजपूत ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि, नारी शक्ति भारतीय सभ्यता के हजारों सालों के इतिहास के साथ ही भारत लोकतंत्र की जननी है। भारत के पास इस सफर में एक नया पहलू जोड़ने का मौका था। हम देश की आधी आबादी को नीति-निर्धारण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाने के लिए वह नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाए थे। हमने सभी सांसदों से आग्रह किया था कि वे इस मौके को हाथ से न जाने दे। हम सब मिलकर देश को एक नई दिशा देने के लिए तैयार थे। यह भारत की नारी शक्ति के लिए एक महायज्ञ था। हमें विश्वास था कि इस महायज्ञ का नतीजा न केवल राजनीति का भविष्य बल्कि देश की दिशा और नियति भी तय करेगा।
लेकिन, स्वार्थी विपक्ष, जिसने 30 साल तक राजनीतिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में हमारी महिलाओं की भागीदारी देने में देरी की. ने एक बार फिर इस देश की महिलाओं को निराश किया है। उन्होंने देश को निराश किया। अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की बेचैनी में, प्छक्प् ।ससपंदबम का स्वार्थ एक बार फिर सामने आया और महिलाओं के हितों को एक बार फिर दरकिनार कर दिया गया।
हमें इस विषय को लेकर स्पष्ट होना चाहिए कि विपक्ष ने क्या होने से रोका है। उन्होंने सबसे ऊँचे स्तर पर भारतीय महिलाओं के पॉलिटिकल रिप्रेजेंटेशन (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) को कमज़ोर किया है। उन्होंने हमारे देश की महिलाओं को टेबल पर सीट मिलने से रोककर अपने राजनैतिक स्वार्थ की रक्षा की।
उन्हांने ने कहा कि, यह कोई राजनैतिक विषय नहीं था, ऐसा कभी नहीं होना था, विपक्ष ने जो किया है, वह देश के सबसे ऊँचे पदों पर बैठी महिलाओं के लिए अपनी नफ़रत और तिरस्कार को सबके सामने ला दिया है और शीर्ष नेतृत्व में नीति निर्धारण करने वाली भूमिकाओं में महिलाओं की काबिलियत पर शक करने की और अपनी महिलाओं से घृणा करने वाली सोच को खुलेआम दिखाया है, कांग्रेस पार्टी ने पारंपरिक रूप से एक साफ़ महिला-विरोधी रुख बनाए रखा है।
विपक्ष पंचायतों में महिलाओं के लिए रिज़र्वेशन का झूठा क्रेडिट लेकर अपनी राजनीतिक सोच को छिपाने की कोशिश करता है। वे यह भूल जाते हैं कि वे पंचायतों में रिज़र्वेशन के लिए आसानी से मान गए क्योंकि इससे उनकी अपनी स्थिति को कोई खतरा नहीं था। लेकिन उन्होंने लोकतंत्र के शीर्ष स्तर पर ऐसा नहीं होने दिया।
विपक्ष हमेशा इस बिल के समर्थन में होने का दिखावा करता रहा है। हर बार वे कहते थे ’हम इसके समर्थन में हैं, लेकिन, इसलिए हमेशा एक “लेकिन/लेकिन/परंतु होता है।
उन्हांने कहा कि, इस बिल का विरोध करने के लिए वे हमेशा कोई न कोई टेक्रिकल बात उठाते हैं और उन्होंने फिर वही किया। इस बार उन्होंने एकजुट भारतीय परिवार में फूट, मनमुटाव और शक पैदा करने के अपने एजेंडे के पीछे छिपने की कोशिश की। उन्होंने भारत को उत्तर और दक्षिण के आधार पर बांटने की कोशिश की, जबकि आसानी से अपने महिला-विरोधी चरित्र को छिपाया। विपक्ष के लिए, महिलाओं के अधिकार और आरक्षण एक मज़ाक और राजनीतिक सुविधा की बात है। हमने आज इसे सामने आते देखा।
कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने कई मोर्चां पर बहुत बड़ी गड़बड़ी छोड़ी है। 2014 में जब प्रधानमंत्री मोदी केंद्र में आए, तो भारतीय महिलाएं बहुत बुरी हालत में थीं। वे खुले में शौच करने के लिए मजबूर थी। उनके पास गैस सिलेंडर नहीं थेः पानी की सप्लाई नहीं थी। घरों की कमी के कारण करोड़ों भारतीय परिवार खुले में सोने को मजबूर थे। महिलाएं बैंकिंग सिस्टम से जुड़ी नहीं थीं और न ही उनके पास फॉर्मल क्रेडिट तक पहुंच थी।
वे इसे टेक्निकल बातों से समझाने की कोशिश कर सकते हैं लेकिन सच तो यह है कि भारतीय महिलाओं की तरक्की के मकसद को बहुत बड़ा झटका लगा है। इस देश की महिलाएं उन लोगों को कभी माफ़ नहीं करेंगी जिन्होंने ऐसा किया।महापौर श्रीमती राजपूत ने कहा कि, हमारे लिए यह कभी भी राजनीतिक क्रेडिट लेने की बात नहीं थी। बल्कि हमने पूरी संसद से सपोर्ट मांगा था। हमने विपक्ष से वादा किया था कि वे इस कदम का पूरा क्रेडिट ले सकते हैं क्योंकि हम असल सशक्तिकरण चाहते थे।
हम अपनी माताओं, बहनों और बेटियों की भलाई, उनके उत्थान और उनके अधिकारों और सम्मान को पक्का करने के लिए समर्पित हैं। यह हमारे लिए पॉलिटिक्स नहीं है; यह भारत माता और नारी शक्ति की सेवा में एक सिद्धांतों वाला नज़रिया है।
महिला विरोधी ताकतें आज रात भले ही जीत गई हों, लेकिन महिलाओं के लिए हमारा समर्पण विपक्ष की सत्ता की भूख से ज्यादा मज़बूत है। हमारे साथ करोड़ों महिलाओं का आशीर्वाद है. जो भारत की महिलाओं को उनका हक दिलाने के हमारे सफ़र में हमारा मार्गदर्शन और साथ देगा। इस अवसर पर संतोष राजवाड़े, शरद नाविक, सीमा साहू, शीतल साहू, तोता रानी सहित पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।