0 न्यायालय द्वारा लगातार गांजा तस्करों को दी जा रही कड़ी सजा 0
0सरायपाली न्यायालय में हो गांजा तस्करों के 350 प्रकरण लंबित 0
दिलीप गुप्ता
सरायपाली= सरायपाली न्यायालय द्वारा सा पार से तस्करी के ला रहे गांजा तस्करों के खिलाफ लगातार कड़ी सजा दी जा रही है । इसका उद्देश्य तस्करों पर कानून व जेल जाने का भय उत्पन्न करते हुवे तस्करों को इस सामाजिक बुराई से बचाना भी है । इसी सिलसिले में आज पुनः न्यायालय द्वारा 600 किलोग्राम गांजा के दो आरोपियों को 20-20 वर्षों का सश्रम कारावास के साथ ही 2-2 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया । अभी तक न्यायालय द्वारा लगभग 16 गांजा तस्कर प्रकरणों में यह सबसे बड़ी सजा है । ज्ञातव्य हो कि सरायपाली न्यायालय में ही गांजा से जुड़े 350 प्रकरण अभी भी लंबित है । इसी से अंदाज लगाया जा सकता है कि सरायपाली क्षेत्र में गांजा तस्करी कितनी अत्यधिक मात्रा में हो रही है ।
सरायपाली स्थित विशेष न्यायालय NPDS के विशेष न्यायाधीश श्रीमान पवन कुमार अग्रवाल के द्वारा थाना सिंघोडा में दर्ज अपराध क्रमांक 46/2022 में आरोपी शेख अजीज एवं अख्तर खान को 600 किलो गांजा परिवहन करने के आरोप में 20-20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं दो-दो लाख रू. के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया, अर्थदण्ड भुगतान न करने पर अतिरिक्त दो-दो वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास के दण्ड से दण्डित किया गया।
घटना दिनांक 29/05/2022 की है, थाना सिंघोडा के सहायक उपनिरीक्षक सनातन बेहरा को मुखबीर से सूचना मिलने पर स्टॉफ के साथ एन.एच. 53 रोड श्याम ढाबा के सामने गनियारीपाली पहुँचकर संदिग्ध वाहन का इंतजार कर उसे घेरा बंदी कर रोका गया। उक्त वाहन आयसर प्रो 1049 कमांक OD 07 P 0595 में दोनो आरोपी सवार थे और उक्त वाहन में आम की बोरीओं के नीचे भारी मात्रा में गांजा छुपाकर रखे हुए थे, जिसे तलाशी के दौरान 40 बडा पैकेट एवं 100 छोटा पैकेट कुल 140 पैकेट गांजा को तौल करने पर उसका वजन 600 किलो गांजा होना पाया गया। जिसके विरूद्ध विधिवत् कार्यवाही करते हुए अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था, अभियोजन के द्वारा कुल 12 साक्षीयों का परीक्षण करवाया गया। स्वतंत्र साक्षी गुषामणी प्रधान, लोचन गडतियां तथा रमेश नायक के द्वारा अभियोजन को सहयोग न करते हुए अपना बयान पलट दिया था परन्तु पुलिस साक्षी बोध कुमार पटेल, महेन्द्र बरिहा, विरेन्द्र बाघ, आरक्षक चितरंजन प्रधान, आर. भूपति पटेल, सहायक उप निरीक्षक बोधनलाल दीवान एवं विवेचक सेवा निवृत्त सहायक उप निरीक्षक सनातन बेहरा के सुसंगत एवं अखण्डीत
बयान पर न्यायालय द्वारा विश्वास व्यक्त करते हुए दोनो आरोपीयों को कठोर दण्ड से दण्डित किया गया। माननीय न्यायालय के समक्ष दण्ड के प्रश्न में अभियोजन द्वारा तर्क किया गया है, अभियुक्तगण के द्वारा कारित अपराध समाज के विरूद्ध अपराध है, नशीली वस्तुओं के नशे से घषित होकर देश का युवा वर्ग गंभीर अपराध के लिए अग्रसर हो रहा है जो समाज के लिए गंभीर समस्या है। नशे के अपराध के रोकथाम के लिए कठोर दण्डादेश पारित करने का शासन की ओर से देवेन्द्र कुमार शर्मा विशेष लोक अभियोजक (NDPS) द्वारा निवेदन किया गया। माननीय विशेष न्यायाधीश द्वारा तर्क को स्वीकार करते हुए दोनो अभियुक्तगणों को वाणिज्यीयक मात्रा के अपराध के लिए अधिकतम कारावास एवं अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में भारी मात्रा में नशीली पदार्थ के तस्करी के कारण सरायपाली न्यायालय में लगभग 350 गंभीर मामले लंबित है, जिस पर राज्य शासन द्वारा नारकोटिक एक्ट, के विचारण के लिए इसी माह विशेष न्यायाधीश NDPS के लगभग 176 मामले विचारण हेतु स्थानांतरित किये गये है। त्वरित कार्यवाही करते हुए इसी माह चार मामलों में निर्णय किया जा चुका हैं, जिनमें से दो मामलों को आरोपीगणों को कठोर दण्ड से दण्डित किया गया। राज्य द्वारा अवैध मादक पदार्थ के तस्करी को रोकथाम के लिए जहां गंभीरता पूर्वक कार्यवाही कर दोषीओं को दण्डित किये जाने तस्करों को पकडने, नाकेबंदी किये जाने की कार्यवाही की जा रही है, वहीं दुसरी और नये मामले जिले में लगातार सामने आते जा रहे है। ज्यादात्तर मामले में अपराधी अन्य राज्यों के निवासी होते है और अपने कृत्य की गंभीरता से अनभिज्ञ रहते है। परिणाम स्वरूप अपराध की प्रवृत्ति में लगातार वृध्दि हो रही है।
न्यायालय द्वारा 600 किलो गांजा तस्करी में दो आरोपीयों को 20-20 वर्ष का सश्रम कारावास व दो दो लाख का जुर्माना

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Apr