भुरकोनी के शासकीय अस्पताल में पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से ताला लगा हुआ है, जिससे क्षेत्र के मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार डॉ. चतुर्वेदी छुट्टी पर रहते हुए यह कह रहे हैं कि जब तक वे अवकाश पर रहेंगे, अस्पताल की चाबी किसी को नहीं देंगे, जिसके चलते अस्पताल का संचालन पूरी तरह ठप हो गया है।
अस्पताल बंद होने के कारण ग्रामीणों को मजबूरी में महंगे निजी व झोला-छाप डॉक्टरों के पास इलाज कराना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ने के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर अस्पताल को चालू कराया जाए और जिम्मेदारों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, ताकि आम लोगों को समय पर इलाज मिल सके।