मैकल श्रृंखलाओं के साथ संवेदनाओं की अनूभूति लिए उपन्यास यक्षिणी का मुखपृष्ठ अनावरित

डॉ आशुतोष चतुर्वेदी का पहला उपन्यास यक्षिणी आगामी 23 मई को होगा विमोचित’
बैकुण्ठपुर – दिनांक 24/4/26 – विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर कोरिया जिले में साहित्य के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखा गया जब पूरे अंचल के प्रतिष्ठित साहित्यकारों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के बीच डॉ आशुतोष चतुर्वेदी के पहले उपन्यास यक्षिणी का मुख पृष्ठ अनावरण समारोह गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाज के बुद्धिजीवियों, साहित्यकार और मीडिया से जुड़े सभी कलमकारों ने उपन्यास को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर की। 23 अप्रैल की शाम छ बजे स्थानीय सभागार में आयोजित एक सादे व गरिमामय समारोह में कोरिया जिले में पदस्थ प्रशासनिक अधिकारी जिला पंचायत सीईओ डॉ आशुतोष के पहले उपन्यास यक्षिणी का मुख पृष्ठ विमोचन आयोजित किया गया। अतिथियों की उपस्थिति में प्रदेश के विख्यात साहित्यधर्मी श्री आशीष सिंहानियां ने डॉ आशुतोष से उनके इस कृति की रचनात्मकता, साहित्य के प्रति अनुराग, लेखन की प्रेरणा और वर्तमान परिदृश्य में साहित्य की सकारात्मक भूमिका तथा यक्षिणी के नाम पर विस्तार से चर्चा की और उपस्थित साहित्यप्रेमियों के बीच एक नई उत्सुकता का संचार किया।


संवेदनाओं, परिकल्पनाओं के साथ प्रकृति की गहनता’
इस संदर्भ में चर्चा करते हुए डॉ आशुतोष ने बताया कि उनके लोकसेवक बतौर अलग अलग क्षेत्रों में बिताए गए कार्यकाल के दौरान प्रकृति से जुड़ाव खासकर मैकल पर्वत श्रृंखलाओं की गहनता में छिपी कई अनकही, अनछुई संवेदनाओं को स्वयं की अनुभूतियों और नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य की कड़ियों को जोड़कर उन्होने यक्षिणी नामक उपन्यास कलमबद्ध करने का प्रयास किया है। उनके उपन्यास के लेखन का यह क्रम वर्ष 2022 से आरंभ हुआ था और लंबे समय के अथक प्रयास में मैकल की अनुगूंज लिए यह उपन्यास बन पाया है और आज शीर्षक यक्षिणी का आवरण पृष्ठ अनावरण समारोह साहित्यप्रेमियों की उपस्थिति के बीच करने का अवसर आया है।
’ विमोचन आगामी 23 मई को’
डॉ आशुतोष ने बताया कि प्रदेश की संस्कृति और कला को आगे ले जाने के लिए कोरिया जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल झुमका के तट पर जश्ने जबां कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें देश भर 100 से ज्यादा कलाकार साहित्यकार और लोक संस्कृति के वाहक अपनी सहभागिता देंगे इस अवसर पर उनका पहला उपन्यास यक्षिणी विमोचित किया जाएगा। और यह उसी दिन से पाठकों के हाथ में होगा।
कार्यदायित्वों के बीच लेखन वाकई प्रेरणास्पद
मुखपृष्ठ अनावरण समारोह में मुख्य अतिथि कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने कहा कि बीते समय मे जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए पूरी प्रशासनिक टीम ने लगातार अथक परिश्रम किया है इसके बाद समय निकालकर देर रात तक इस तरह से एक उपन्यास का लेखन वाकई बेहद प्रेरणादायक और सराहनीय है। श्रीमती चंदन ने कहा कि डॉ आशुतोष का यह लेखन कर्म उनकी रचनाधर्मिता की रूचि के प्रति कठोर अनुशासन और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आगामी उपन्यास यक्षिणी के लिए डॉ आशुतोष को शुभकामनाएं देते हुए उन्होने निरंतर लेखन कार्य करते रहने हेतु अपनी शुभकामनाएं प्रदान कीं। विदित हो कि श्रीमती चंदन त्रिपाठी स्वयं लेखन कर्म से जुड़ी हुई हैं और उन्होने प्रकृति और पक्षियों के जीवन पर आधारित दो पुस्तकें भी लिखी हैं।
अंचल के समस्त साहित्यकारों की उपस्थिति
बैकुण्ठपुर में स्थित होटल के सभागार में आयोजित इस साहित्य प्रसंग में जिले की कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने अपर कलेक्टर श्री वैद्य, श्री डी डी मण्डावी, एसडीएम श्री उमेश पटेल और परिजनों के साथ दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरूआत की। इस आयोजन में पूरे सरगुजा अंचल के कई प्रतिष्ठित साहित्यकार, पत्रकार उपस्थित रहे। लेखक से सदन में खुली चर्चा के क्रम में वरिष्ठ साहित्यकार श्री सतीश उपाध्याय, श्री वीरेन्द्र श्रीवास्तव, श्री रामचरित द्विवेदी, श्रीमती संध्या रामावत, श्रीमती अनीता तिवारी, श्री संवर्त कुमार, गजलकार श्री ताहिर आजमी, पत्रकार श्री सुनील शर्मा आदि ने भी अपने प्रश्न रखकर आयोजन को नई गति प्रदान की। इस समारोह में श्री एमएम चतुर्वेदी, श्रीमती गीता चतुर्वेदी, श्रीमती अनन्या, श्री योगेश शुक्ला, श्री उमाशंकर शुक्ला, श्री राजेन्द्र सिंह, साहित्यकार श्री जैन, डॉ ओंकार साहू, श्रीमती साहू, श्री नरेश सोनी सहित जिले के अनेक वरिष्ठ पत्रकार, वरिष्ठ नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में आयोजन में श्री योगेश गुप्ता, श्री सुनील शर्मा, श्री आयुष नामदेव, श्री आस्तीक शुक्ला और श्री सचिन शर्मा ने सहयोगी की भूमिका अदा की। इस आयोजन से शहर में साहित्य के प्रति एक विशिष्ट अनुराग देखने को मिला।

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