छत्तीसगढ़ में जमीन रजिस्ट्री के दाम गिरे, एक करोड़ के सौदे पर सीधे 60 हजार की बचत, कल से लागू होगा नया नियम

छत्तीसगढ़ सरकार ने अचल संपत्ति की खरीद-फरोख्त करने वालों को बड़ी राहत देते हुए रजिस्ट्री पर लगने वाले 0.60 प्रतिशत उपकर यानी सेस को पूरी तरह खत्म करने का निर्णय लिया है। विधानसभा में ध्वनिमत से पारित छत्तीसगढ़ सेस बिल को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद अब राजपत्र में प्रकाशन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सोमवार को इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी जिसके तुरंत बाद सॉफ्टवेयर को अपडेट किया जाएगा ताकि मंगलवार 28 अप्रैल से आम जनता को इस कटौती का सीधा लाभ मिलना शुरू हो जाए।

रियल एस्टेट में आएगा बड़ा उछाल और आम आदमी का जीवन होगा सरल

वाणिज्य कर मंत्री ओपी चौधरी ने सरकार के इस कदम को राजस्व प्राप्ति से ऊपर उठकर आम जनता के जीवन को सुगम बनाने वाला फैसला करार दिया है। इस बदलाव के बाद एक करोड़ रुपए की संपत्ति की रजिस्ट्री कराने वाले खरीदारों को लगभग 60 हजार रुपए तक की सीधी बचत होगी जिससे बाजार में निवेश बढ़ने की उम्मीद है। शासन का मुख्य उद्देश्य रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी लाना और मध्यम वर्गीय परिवारों पर वित्तीय बोझ को कम करना है ताकि वे अपने घर का सपना आसानी से पूरा कर सकें।

महिलाओं के लिए खुशखबरी अगले हफ्ते से पंजीयन शुल्क में 50 फीसदी की भारी छूट

राज्य सरकार ने केवल सेस खत्म करने तक ही सीमित नहीं रही बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है जिसके तहत महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। इस विधेयक पर राज्यपाल के हस्ताक्षर हो चुके हैं और वर्तमान में यह भाषा सुधार की प्रक्रिया में है जिसके अगले सात दिनों के भीतर लागू होने का दावा किया गया है। नए नियमों के बाद पुरुषों के लिए कुल स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क का ढांचा अलग होगा जबकि महिलाओं के नाम पर संपत्ति लेना काफी सस्ता और किफायती हो जाएगा।

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